अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार (30 जनवरी) को कनाडा के खिलाफ एक और सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि ओटावा ने तुरंत अमेरिकी कंपनी गल्फस्ट्रीम के बिजनेस जेट्स को प्रमाणित नहीं किया, तो अमेरिका में बिकने वाले सभी कनाडाई विमानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रम्प ने यह भी कहा कि इस विवाद के समाधान तक कनाडा में बने बॉम्बार्डियर विमानों को अमेरिका में डी-सर्टिफाई किया जाएगा।
ट्रम्प ने गुरुवार (29 जनवरी)को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक लंबी पोस्ट में लिखा, “इस तथ्य के आधार पर कि कनाडा ने गलत तरीके से, अवैध रूप से और लगातार गल्फस्ट्रीम 500, 600, 700 और 800 जेट्स को प्रमाणित करने से इनकार किया है, जो अब तक बनाए गए सबसे महान और तकनीकी रूप से उन्नत विमानों में से हैं। हम उनके बॉम्बार्डियर ग्लोबल एक्सप्रेस और कनाडा में बने सभी विमानों को डी-सर्टिफाई कर रहे हैं, जब तक कि गल्फस्ट्रीम, एक महान अमेरिकी कंपनी, को पूरी तरह से प्रमाणित नहीं कर दिया जाता, जैसा कि कई साल पहले हो जाना चाहिए था।”
ट्रंप ने आगे आरोप लगाया कि कनाडा उसी प्रक्रिया के जरिए अपने देश में गल्फस्ट्रीम विमानों की बिक्री पर प्रभावी रूप से रोक लगा रहा है। ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए कहा, “इसके अलावा, कनाडा इसी प्रमाणन प्रक्रिया के माध्यम से कनाडा में गल्फस्ट्रीम उत्पादों की बिक्री को प्रभावी रूप से प्रतिबंधित कर रहा है। यदि किसी भी कारण से इस स्थिति को तुरंत ठीक नहीं किया गया, तो मैं संयुक्त राज्य अमेरिका में बेचे जाने वाले किसी भी और सभी विमानों पर कनाडा से 50% टैरिफ लगाने जा रहा हूं। इस मामले पर आपके ध्यान के लिए धन्यवाद!”
ट्रंप द्वारा यह धमकी अमेरिका द्वारा कनाडा पर लंबे समय से दबाव बनाने की कोशीश का नया अध्याय है। ट्रम्प के पिछले साल सत्ता संभालने के बाद से दोनों देशों के बीच व्यापार और संप्रभुता से जुड़े कई मुद्दों पर टकराव देखने को मिला है। ट्रम्प के बयान से कुछ घंटे पहले ही कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रपति ट्रम्प “कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करेंगे।”
इस सप्ताह की शुरुआत में ट्रम्प ने यह धमकी भी दी थी कि यदि कनाडा ने चीन के साथ कोई व्यापार समझौता किया, तो अमेरिका अपने दूसरे सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार पर 100 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगा सकता है।
हालांकि, इस पूरे विवाद में कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं है। यह साफ नहीं है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के पास विमानों को “डी-सर्टिफाई” करने का कानूनी अधिकार है या नहीं। व्हाइट हाउस की ओर से अब तक कनाडाई विमानों पर किसी टैरिफ को लेकर कोई कार्यकारी आदेश जारी नहीं किया गया है। साथ ही, ट्रम्प ने अपने पोस्ट में यह भी स्पष्ट नहीं किया कि विमानों को डी-सर्टिफाई करने की प्रक्रिया या तंत्र क्या होगा।
फिलहाल, ट्रम्प के बयानों ने अमेरिका-कनाडा व्यापार संबंधों में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर व्यापार तनाव पहले से ही बढ़े हुए हैं।
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