भारत और सेशेल्स के बीच समुद्री सहयोग को नई दिशा देने के प्रयासों के तहत विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार (9 फरवरी)को भारत दौरे पर आए सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी से मुलाकात की। दौरान भारत अपनी महत्वाकांक्षी ‘विजन महासागर’ पहल को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है, जिसे 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत ‘विजन सागर’ का रणनीतिक विस्तार माना जा रहा है। यह नया ढांचा केवल हिंद महासागर तक सीमित न होकर एक वैश्विक समुद्री ढांचे के रूप में उभर रहा है, जिसमें ग्लोबल साउथ पर विशेष फोकस है।
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा, “समुद्री पड़ोसी के रूप में, क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि और सुरक्षा के लिए विजन महासागर को आगे बढ़ाने में उनके समर्थन को महत्व देता हूं। विश्वास है कि आज बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात हमारे सहयोग के लिए नए आयाम खोलेगी।” इस बयान को भारत–सेशेल्स समुद्री साझेदारी को गहराने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
Delighted to call on President Dr. Patrick Herminie of the Republic of Seychelles today in Delhi.
As maritime neighbours, value his support towards advancing #VisionMAHASAGAR for economic prosperity and security in the region.
Confident that his engagements with PM… pic.twitter.com/wgPBKiJOHI
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) February 9, 2026
इससे पहले विदेश मंत्रालय (MEA) ने सेशेल्स को एक प्रमुख समुद्री पड़ोसी बताते हुए कहा था कि वह विजन महासागर और ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता में एक अहम साझेदार है। राष्ट्रपति हर्मिनी का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब हिंद महासागर क्षेत्र में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और समुद्री सुरक्षा के मुद्दे तेजी से उभर रहे हैं।
सेशेल्स के राष्ट्रपति हर्मिनी दिल्ली पहुंचने से पहले चेन्नई और मुंबई में भी विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुए। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन शहरों में उन्होंने शासन, उद्योग, तटीय प्रबंधन और स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों के साथ बहु-क्षेत्रीय संवाद किया।
चेन्नई में राष्ट्रपति हर्मिनी ने अपने स्वास्थ्य मंत्री मार्विन नोलन फैनी के साथ SIMS अस्पताल के चेयरमैन रवि पचमुथु से मुलाकात की। रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में सेशेल्स में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक सहयोगी रोडमैप पर चर्चा हुई, जिसमें सुपर-स्पेशियलिटी मेडिकल आउटरीच, अस्पताल अवसंरचना विकास, डिजिटल हेल्थ एकीकरण, कार्यबल समर्थन, किफायती दवाएं और डायलिसिस सेवाओं के विस्तार जैसे दीर्घकालिक समाधान शामिल हैं।
मुंबई में राष्ट्रपति हर्मिनी ने केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से मुलाकात की और भारत–सेशेल्स बिजनेस राउंडटेबल में भाग लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, इन चर्चाओं में सामुद्री व्यापार, ब्लू इकोनॉमी और सतत विकास पर विशेष जोर के साथ निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया।
दौरान सोनोवाल ने राउंडटेबल में कहा, “भारत की सेशेल्स के साथ भागीदारी ‘महासागर विजन’ द्वारा निर्देशित है, जो हिंद महासागर क्षेत्र में आर्थिक सहयोग, सततता और सुरक्षा पर जोर देती है। प्रधानमंत्री मोदी का नेबर फर्स्ट दृष्टिकोण, महासागर सहयोग और समावेशी विकास पर जोर, हिंद महासागर के द्वीप देशों के साथ भारत के संबंधों को दिशा देता है।भारत और सेशेल्स हिंद महासागर को शांति, स्थिरता और साझा समृद्धि के क्षेत्र के रूप में देखने की समान सोच रखते हैं।”
यह भी पढ़ें:
राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू होगा उत्तर प्रदेश का बजट सत्र, आज पेश होगा आर्थिक सर्वेक्षण
भारत से क्रिकेट खेलने को तैयार पाकिस्तान, मगर ICC के सामने रखीं यह तीन शर्तें
महाशिवरात्रि स्पेशल: नंदी के मुख से जलधारा, खुद होता है जलाभिषेक!



