देशभर में एलपीजी सिलेंडर की संभावित कमी की चर्चाओं के कारण नागरिकों में घबराहट का माहौल बनने लगा है। हालांकि केंद्र सरकार ने कहा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकार के अनुसार 5 मार्च से देश में एलपीजी उत्पादन में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि की गई है और लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर बड़ी मात्रा में सिलेंडर बुक न करें।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल देश में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई पूर्ण कमी नहीं है और किसी भी वितरण केंद्र पर “ड्राई-आउट” जैसी स्थिति पैदा नहीं हुई है।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया के ऊर्जा आपूर्ति मार्गों पर असर पड़ा है। खासतौर पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, क्योंकि भारत के एलपीजी आयात का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है।
इसी पृष्ठभूमि में देशभर में सिलेंडर की कमी को लेकर अफवाहें फैलने लगीं और लोगों ने बड़ी संख्या में अग्रिम बुकिंग शुरू कर दी। इस घबराहट के कारण कई शहरों में एलपीजी एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं। कुछ स्थानों पर बुकिंग प्रणाली पर दबाव बढ़ने से ऐप, आईवीआरएस और अन्य ऑनलाइन माध्यमों में तकनीकी दिक्कतें भी सामने आईं।
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए केंद्र सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। प्रोपेन और ब्यूटेन जैसे हाइड्रोकार्बन घटकों के उत्पादन को पूरी तरह घरेलू एलपीजी आपूर्ति के लिए मोड़ने का फैसला किया गया है। इसके कारण कम समय में उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इसके अलावा उपलब्ध एलपीजी की आपूर्ति में प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को दी जा रही है, जबकि कुछ स्थानों पर व्यावसायिक उपयोग के लिए सीमाएं लागू की गई हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला सामान्य रूप से काम कर रही है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर सिलेंडर जमा करने या बार-बार बुकिंग करने से बचें। साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
सरकार का कहना है कि यदि नागरिक संयम बनाए रखें और जरूरत के अनुसार ही सिलेंडर बुक करें, तो देश में एलपीजी की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रह सकेगी।
कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंता जरूर पैदा हुई है, लेकिन केंद्र सरकार ने उत्पादन बढ़ाकर स्थिति को संभालने के प्रयास तेज कर दिए हैं। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास रखें।
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