गुरुवार (27 मार्च) को ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमले में सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर तैनात अमेरिकी वायुसेना के अत्याधुनिक निगरानी विमान के ध्वस्त होने की खबर है। इस घटना ने क्षेत्र में एयर डिफेंस सिस्टम की क्षमता और सैन्य तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में E-3 Sentry (AWACS) विमान को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, कई KC-135 स्ट्रैटोटैंकर विमानों के भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हमले में एक दर्जन से अधिक अमेरिकी सैन्यकर्मी घायल बताए गए हैं।
E-3 सेंट्री AWACS एक अत्यंत महत्वपूर्ण एयरबोर्न सर्विलांस प्लेटफॉर्म है, जो 200 मील से अधिक क्षेत्र में रडार कवरेज प्रदान करता है। 1970 के दशक में विकसित इस सिस्टम की कीमत लगभग 500 से 700 मिलियन डॉलर के बीच मानी जाती है और इसकी कुल वैश्विक संख्या भी केवल 30 के आसपास है। ऐसे में इस पर हुआ हमला अमेरिकी सैन्य क्षमताओं के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
🚨🇸🇦 Photos are coming out showing a US Air Force E-3 Sentry completely destroyed on the ground at Prince Sultan Airbase after the Iranian attack.
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— Mario Nawfal (@MarioNawfal) March 29, 2026
AWACS विमान युद्ध के दौरान हवाई क्षेत्र की निगरानी, दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने और अभियानों के समन्वय में अहम भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्लेटफॉर्म को नुकसान पहुंचने से अमेरिका की मध्य पूर्व में सैन्य संचालन क्षमता प्रभावित हो सकती है, क्योंकि इसकी त्वरित भरपाई करना आसान नहीं है।
इस हमले ने यह भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम होने के बावजूद इतने बड़े सैन्य ठिकाने पर हमला कैसे सफल हुआ। ड्रोन और मिसाइलों के संयुक्त हमले ने मौजूदा सुरक्षा ढांचे की कमजोरियों को उजागर किया है।
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