उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, “वैश्विक चुनौतियों के बीच भी किसान भाई-बहनों का हित सदैव हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है। इसी दिशा में वर्ष 2026 के खरीफ सीजन के लिए न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (एनबीएस) की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इससे अन्नदाताओं को पहले की तरह किफायती दरों पर उर्वरक मिलते रहेंगे।”
इस फैसले से फॉस्फेटिक और पोटाशिक उर्वरकों पर सब्सिडी बढ़ेगी, जिससे खरीफ फसल के लिए डीएपी और अन्य उर्वरक सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे।
कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश में दो बड़े जलविद्युत परियोजनाओं को भी मंजूरी दी। इनमें कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (1,720 मेगावाट) और कलाई-II जलविद्युत परियोजना (1,200 मेगावाट) शामिल हैं।
पीएम मोदी ने लिखा, “कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के साथ हम भारत के स्वच्छ ऊर्जा इकोसिस्टम को मजबूत कर रहे हैं और अरुणाचल प्रदेश में एकीकृत विकास को आगे बढ़ा रहे हैं।”
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में बताया, “पूर्वोत्तर में स्वच्छ ऊर्जा और विकास को बड़ा बढ़ावा। अरुणाचल प्रदेश में कलाई-II जलविद्युत परियोजना की मंजूरी से बिजली आपूर्ति मजबूत होगी, सतत ऊर्जा का उत्पादन होगा और क्षेत्र में बुनियादी ढांचा व अवसर बढ़ेंगे।”
इन परियोजनाओं से हजारों मेगावाट स्वच्छ बिजली का उत्पादन होगा, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड मजबूत होगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण (फेज-2) को मंजूरी दी गई। पीएम मोदी ने लिखा, “जयपुर एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के लिए तैयार है। जयपुर मेट्रो फेज-2 को कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इससे कनेक्टिविटी बढ़ेगी, भीड़भाड़ कम होगी, और जीवन की सुगमता में सुधार आएगा।”
केंद्रीय कैबिनेट के ये फैसले वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत को आत्मनिर्भर और सतत विकास की राह पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
कैबिनेट के इन फैसलों से देश के विभिन्न क्षेत्रों में विकास की नई गति आने की उम्मीद है। सरकार का फोकस किसान कल्याण, स्वच्छ ऊर्जा और बेहतर शहरी सुविधाओं पर केंद्रित है।
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