केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु में BEML के ‘आदित्य’ विनिर्माण कारख़ाने का उद्घाटन किया है। यह पहल भारत के स्वदेशी बुलेट ट्रेन कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मंत्री ने बताया कि ‘आत्मनिर्भर’ संस्करण B-28 का डिजाइन अब देश में ही तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए इंटीग्रेटेड कोच फैक्टरी (ICF) और BEML के बीच सहयोग किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत बुलेट ट्रेन के कोच का निर्माण इसी नए संयंत्र में किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, ‘आदित्य’ प्लांट अत्याधुनिक और उच्च-सटीकता वाली मशीनों से सुसज्जित है, जिसमें रोबोटिक लेजर वेल्डिंग सिस्टम जैसी उन्नत तकनीक शामिल है। इस सुविधा से आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत हाई-स्पीड ट्रेनों का स्वदेशी निर्माण संभव होने की उम्मीद जताई गई है।
उद्घाटन के दौरान वैष्णव ने कहा कि यह संयंत्र भारत की हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के लिए अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने सेमी-हाई स्पीड रेल सेवाओं पर भी प्रगति की जानकारी दी और बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस को मैंगलोर से आगे मडगांव तक विस्तारित करने की योजना बनाई जा रही है।
मंत्री ने कहा कि हासन से मैंगलोर के बीच रेल विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है और फिलहाल परीक्षण व ट्रायल चल रहे हैं। अगले कुछ महीनों में इस रूट पर सेवाएं शुरू होने की संभावना है, जिससे तटीय कर्नाटक में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
इसके अलावा, बेंगलुरु और मुंबई के बीच नई ट्रेन सेवाओं की भी घोषणा की गई है। इनमें एक सुपरफास्ट ट्रेन हबली-धारवाड़ मार्ग से चलेगी, जबकि दूसरी वन्दे भारत एक्सप्रेस स्लीपर सेवा के रूप में सीधे दोनों शहरों को जोड़ेगी। दोनों सेवाएं अगले कुछ महीनों में शुरू होने की उम्मीद है।
शहरी रेल परियोजनाओं पर बात करते हुए वैष्णव ने बेंगलुरु सबर्बन रेल प्रोजेक्ट की प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक बदलावों के बाद परियोजना में तेजी आई है और भूमि अधिग्रहण का कार्य भी संतोषजनक गति से आगे बढ़ रहा है।
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