पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वां प्रांत में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के वरिष्ठ कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना एक लक्षित (टार्गेटेड) हमले के तहत की गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, युसूफ अफरीदी पहाड़ी इलाक़े में मौजूद था तब हमलावरों ने करीब से फायरिंग की, जिससे उसे कई गोलियां लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर पास के पहाड़ी इलाके की ऊपरी दिशा में फरार हो गए। अब तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और साथ ही इसे हाल के महीनों में बढ़ती टार्गेटेड किलिंग की घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अफरीदी खैबर क्षेत्र के अफरीदी जनजाति से सम्बंधित था और आतंकी संगठन के क्षेत्रीय ढांचे के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा था। अफरीदी ISI के लिए लश्कर-ए-तैयबा के जरिए ख़ुफ़िया जानकारी इकठ्ठा करने और पाकिस्तान आर्मी के लिए ऑपरेशन करने के लिए जाना जाता था।
बताया जाता है कि शेख यूसुफ अफरीदी लश्कर-ए-तैयबा की खैबर पख्तूनख्वा यूनिट का सरगना था और आतंकी हाफ़िज सईद का करीबी था। साथ ही अफरीदी आतंकी संगठन में भर्ती, वैचारिक प्रसार और प्रांत में आतंकी गतिविधियों के समन्वय में शामिल था। इसके अलावा, अफरीदी जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के लिए ऑपरेटिव्स के प्रशिक्षण और आवाजाही में मदद करता था।
बता दें की, पाकिस्तान में हाल के वर्षों में आतंकीयों पर हमलों की संख्या बढ़ी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक हिज़्बुल मुजाहिद्दीन और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 30 से अधिक लोगों को अलग-अलग स्थानों पर निशाना बनाया गया है। इनमें लाहौर, कराची, पंजाब, सिंध और बलूचिस्तान जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
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