28.2 C
Mumbai
Thursday, July 16, 2026
होमन्यूज़ अपडेटबंगाल और तमिलनाडु के नतीजों के बाद I-PAC से दूरी

बंगाल और तमिलनाडु के नतीजों के बाद I-PAC से दूरी

समाजवादी पार्टी ने लिया फैसला

Google News Follow

Related

2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक सलाहकार संस्था इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) से खुद को दूर रखने का निर्णय लिया है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में इस संस्था से जुड़े दलों को हालिया चुनावों में हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद यह फैसला लिया गया बताया जा रहा है।

अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली पार्टी ने I-PAC के साथ किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा कभी नहीं की थी, लेकिन जानकारी के अनुसार, संभावित चुनाव प्रचार और प्रबंधन को लेकर पिछले कई महीनों से बातचीत चल रही थी। अब इस बातचीत को रोक दिया गया है। ‘इंडिया टुडे’ ने इस संबंध में खबर दी है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और तमिलनाडु में एम. के. स्टालिन की हालिया हार के बाद इस फैसले को गति मिली, जहां I-PAC के चुनावी रणनीति और प्रचार प्रबंधन में शामिल होने की बात कही जा रही थी।

अब समाजवादी पार्टी का नेतृत्व प्रचार की जिम्मेदारी किसी बाहरी सलाहकार संस्था को देने के बजाय अपने संगठन और आंतरिक राजनीतिक तंत्र पर भरोसा करना चाहता है। इस साल की शुरुआत में I-PAC को लेकर शुरू हुई जांच के बाद भी इस निर्णय पर पुनर्विचार हुआ। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में I-PAC के कोलकाता स्थित कार्यालय और सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की थी। इन छापों के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद बढ़ गया था, जहां ममता बनर्जी ने खुद I-PAC कार्यालय पहुंचकर केंद्रीय एजेंसियों पर पार्टी के डेटा और चुनावी रणनीति को निशाना बनाने का आरोप लगाया था।

ED की कार्रवाई के समय को लेकर भी पार्टी के भीतर असहजता थी। जिस दिन कोलकाता में I-PAC के कार्यालय पर छापेमारी हो रही थी, उसी दिन इसके प्रतिनिधि लखनऊ में समाजवादी पार्टी के नेताओं के सामने 2027 चुनावों के लिए संभावित सहयोग पर प्रस्तुति दे रहे थे। इस घटनाक्रम और बाद में बंगाल व तमिलनाडु के चुनावी नतीजों ने पार्टी के भीतर यह धारणा मजबूत की कि I-PAC के साथ अधिक निकटता राजनीतिक रूप से नुकसानदेह हो सकती है।

इस मुद्दे पर पार्टी की ओर से कोई औपचारिक बयान आने की संभावना कम है। समाजवादी पार्टी और I-PAC, दोनों ने ही इस कथित दूरी पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच सीधी टक्कर माना जा रहा है। इस बीच अखिलेश यादव बेरोजगारी, जातीय जनगणना, कानून-व्यवस्था और किसानों के मुद्दों को लेकर सक्रिय हो गए हैं।

यह भी पढ़ें:

पहलगाम हमले पर वियतनाम के समर्थन के लिए पीएम मोदी ने व्यक्त किया आभार!

पंजाब धमाके पर फारूक अब्दुल्ला का बयान, बोले नई बात नहीं!

असम में 11 मई के बाद बनेगी नई सरकार : हिमंता बिस्वा सरमा! 

कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में 9 मई को शपथ ग्रहण

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,061फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
320,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें