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Friday, May 22, 2026
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मध्य प्रदेश में गेहूं का उत्पादन पहुंचा 365 लाख मीट्रिक टन!

इस साल गेंहू उत्पादन 365.11 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। उत्पादकता बढ़कर 3780 किलो प्रति हेक्टेयर हो गई है। 

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मध्य प्रदेश में सिंचाई के साधन बढ़ने के साथ खेती का रकबा बढ़ रहा है तो वहीं उत्पादन में भी इजाफा हो रहा है। इस बार राज्य में 365 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं का उत्पादन हुआ है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

गेहूं उत्पादन की बात करें तो मध्य प्रदेश ‘गेहूं प्रदेश’ बन गया है। देश के कुल गेंहू उत्पादन में मध्य प्रदेश का योगदान 18 प्रतिशत है। इस साल गेंहू उत्पादन 365.11 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। उत्पादकता बढ़कर 3780 किलो प्रति हेक्टेयर हो गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मध्य प्रदेश के गेहूं की मांग लगातार बनी हुई है। प्राकृतिक मिठास के कारण शरबती और डयूरम गेहूं की मांग जर्मनी, अमेरिका, इटली, यूके, दुबई, साउथ अफ्रीका जैसे देशों में बनी हुई है।

आधिकारिक तौर पर मिली जानकारी के अनुसार, भारत से विदेशों को निर्यात किए जाने वाले गेहूं में मध्य प्रदेश का योगदान 35 से 40 प्रतिशत होता है। प्रदेश के गेहूं को ओमान, यमन, यूएई, साउथ कोरिया, कतर, बांग्लादेश, सउदी अरब, मलेशिया, साउथ अफ्रीका और इंडोनेशिया में पसंद किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश का गेहूं ब्रेड, बिस्किट और पास्ता के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है। राज्य में गेहूं उत्पादन की बात करें तो वर्ष 2004-05 में सिर्फ 42 लाख हेक्टेयर में गेहूं होता था, जो आज बढ़कर 96.58 लाख हेक्टेयर हो गया है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के आग्रह पर गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 100 लाख मीट्रिक टन हो गया है। प्रदेश में गेंहू का उपार्जन जारी है। किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों में पूरे इंतजाम किए गए हैं। गेहूं उपार्जन 23 मई तक चलेगा।

किसानों से 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।

बता दें कि मध्य प्रदेश देश का सबसे बड़ा प्रामाणिक बीज उत्पादक राज्य भी है। सहकारी क्षेत्र में बीज उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो गया है। बीज उत्पादन कंपनियों से तीन लाख से ज्यादा किसान जुड़े हैं।

ये कंपनियां अब भंडारण विपणन और खाद्य प्रसंस्करण से भी जुड़ रही हैं। फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों को और ज्यादा मजबूत बनाया जा रहा है। इन सभी गतिविधियों से मध्य प्रदेश न केवल गेहूं बल्कि अन्य फसलों के उत्पादन में राष्ट्र में अग्रणी बना हुआ है।

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