32 C
Mumbai
Tuesday, June 2, 2026
होमदेश दुनियाईरान की ताकत को दुश्मनों ने कम आंका, अब फैसला अमेरिका को...

ईरान की ताकत को दुश्मनों ने कम आंका, अब फैसला अमेरिका को करना है: आईआरजीसी!

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) से बात करते हुए, आईआरजीसी के पॉलिटिकल अफेयर्स के डिप्टी यादोल्लाह जावानी ने कहा कि दुश्मनों ने गलत अंदाजा लगाया था|  

Google News Follow

Related

ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) के वरिष्ठ अधिकारी यादोल्लाह जावानी ने दावा किया है कि ईरान के विरोधियों ने उसकी ताकत और संकल्प का गलत आकलन किया। उनका कहना है कि तमाम दबावों और चुनौतियों के बावजूद तेहरान पहले से अधिक मजबूत होकर उभरा है जबकि अमेरिका गिरावट और असफलताओं का सामना कर रहा है।

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) से बात करते हुए, आईआरजीसी के पॉलिटिकल अफेयर्स के डिप्टी यादोल्लाह जावानी ने कहा कि दुश्मनों ने गलत अंदाजा लगाया था कि वे ईरानी देश पर जंग थोपकर जल्दी जीत हासिल कर सकते हैं।

जावानी के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई 28 फरवरी को हवाई हमलों के साथ शुरू हुई। इन हमलों में ईरान के कई वरिष्ठ अधिकारियों और सैन्य कमांडरों की हत्या कर दी गई, जिनमें इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई भी शामिल थे।

इस हमले के जवाब में ईरानी आर्म्ड फोर्सेज ने पूरे इलाके में इजरायली कब्जे वाले इलाकों के साथ-साथ यूएस मिलिट्री बेस और एसेट्स को निशाना बनाते हुए रोजाना मिसाइल और ड्रोन ऑपरेशन शुरू किए।

जावानी ने कहा कि दुश्मनों की योजना ईरान की न्यूक्लियर काबिलियत को खत्म करना, उसकी मिसाइल डिफेंस कैपेसिटी को खत्म करना और आखिर में इस्लामिक रिपब्लिक को उखाड़ फेंकना शामिल था। उन्होंने कहा कि वे लक्ष्य फेल हो गए हैं, जिससे इलाके के समीकरण ईरान के पक्ष में बदल गए हैं।

इलाके में हो रहे व‍िकास का ज‍िक्र करते हुए जावानी ने कहा कि ईरान अब होर्मुज स्ट्रेट पर एक अहम जगह रखता है और 500 साल बाद उसे वह दर्जा मिला है जो ‘ईरानी लोगों का कानूनी हक’ है।

जावानी ने कहा कि आज ईरान ‘विजयी और मजबूत स्थिति’ में है और वह मौजूदा हालात को खत्म करने के लिए अपनी शर्तें पहले ही बता चुका है। उन्होंने कहा, “अब फैसला अमेरिका को करना है।”

अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप पर बात करते हुए आईआरजीसी कमांडर ने कहा कि वॉशिंगटन के पास दो ऑप्शन हैं, ‘बुरा रास्ता’ और ‘सबसे बुरा रास्ता।’

उनका कहना था कि अमेरिका को यह तय करना होगा कि वह ईरानी जनता के अधिकारों और शर्तों को स्वीकार करेगा या फिर युद्ध जारी रखेगा। जावानी ने दुश्मनों को एक और गलत आकलन से बचने की चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के सशस्त्र बल पूरी तरह तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि अगर कोई नई गलती की गई, तो इस्लामी गणराज्य की प्रतिक्रिया पहले से कहीं ज्यादा मजबूत, ज्यादा निर्णायक और लोगों की कल्पना से भी परे होगी।

 
यह भी पढ़ें-

मुंबई में मई में 12 हजार पार प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन, स्टांप ड्यूटी कलेक्शन 1,051 करोड़ रुपए रहा!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,460फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
310,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें