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Monday, September 21, 2026
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होमन्यूज़ अपडेटसेंसेक्स-निफ्टी में 1% से ज्यादा की गिरावट, युद्ध का प्रकोप जारी

सेंसेक्स-निफ्टी में 1% से ज्यादा की गिरावट, युद्ध का प्रकोप जारी

एशियाई बाजार भी लाल निशान पर

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पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान के बीच जारी युद्ध और खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव पूर्ण माहौल का प्रकोप भारतीय शेयर बाजर पर दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच सप्ताह के पहले ही दिन सोमवार ( 8 जून) को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बड़ी गिरावट के साथ हुई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों करीब 1 प्रतिशत गिरकर खुले।

सेंसेक्स 800 से अधिक अंकों की, यानी 1.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,421.61 पर खुला, जबकि निफ्टी 286 अंकों की यानी 1.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,080.70 पर कारोबार कर रहा था। सेक्टरवार (क्षेत्रवार) देखें तो रियल्टी, मेटल, ऑटोमोबाइल और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के शेयरों पर बिकवाली का दबाव देखा गया। इसमें सबसे ज्यादा गिरावट रियल्टी क्षेत्र में हुई और यह सूचकांक करीब 2 प्रतिशत नीचे आ गया। मेटल, ऑटो और आईटी सूचकांकों में भी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी में कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रमुख शेयरों में विप्रो, टीसीएस, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस शामिल थे। गिरावट केवल प्रमुख सूचकांकों तक ही सीमित नहीं रही। व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) में भी दबाव देखा गया। निफ्टी मिडकैप 100, मिडकैप 150 और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी करीब 1 प्रतिशत की गिरावट आई।

इस बीच, बाजार की अस्थिरता (वोलेटिलिटी) में बड़ी बढ़त हुई। इंडिया वीआईएक्स (India VIX) करीब 15 प्रतिशत बढ़कर 18 के आसपास पहुंच गया। विश्लेषकों के अनुसार, बाजार का तकनीकी ढांचा (टेक्निकल स्ट्रक्चर) अभी भी कमजोर है। निफ्टी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है और ‘लोअर हाई-लोअर लो’ (लगातार कम होने वाला उच्च और निम्न स्तर) का रुझान बना हुआ है। इससे संकेत मिलता है कि बिकवाली का दबाव जारी है। उनके अनुसार, निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट लेवल (आधार स्तर) 23,100 से 23,000 के बीच है, जबकि 23,500 से 23,700 एक मजबूत रेजिस्टेंस लेवल (प्रतिरोध स्तर) है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक (जियोपॉलिटिकल) तनाव के कारण निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है। लेबनान पर इजरायल के नए हमलों और ईरान के कई शहरों में हुए धमाकों की खबरों से संघर्ष और तेज होने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते होने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की भी संभावना जताई जा रही है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि संघर्ष खत्म करने के लिए समाधान निकलने की संभावना अभी भी बनी हुई है। साथ ही खबरों के मुताबिक उन्होंने इजरायली नेतृत्व से तनाव और न बढ़ाने की अपील की थी।

एशियाई बाजारों में भी गिरावट

इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रही। अंतर्राष्ट्रीय मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड की कीमत 4 प्रतिशत बढ़कर 96.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड 4.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 94.75 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। एशियाई बाजारों में भी व्यापक गिरावट देखी गई। निक्केई 225 (Nikkei 225) करीब 4 प्रतिशत गिरा, कोस्पी (KOSPI) में 5 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई, जबकि हैंग सेंग इंडेक्स (Hang Seng Index) करीब 1 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था।

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