पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रहे कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में मंगलवार (9 जून) को राज्य की अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने पार्टी मुख्यालय और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में जांच की। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया और टीएमसी नेतृत्व ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया।
सीआईडी की एक टीम कोलकाता के कालीघाट स्थित 30बी हरीश चटर्जी स्ट्रीट पहुंची, जो मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का आवास और पार्टी का केंद्रीय कार्यालय भी है। अधिकारियों के साथ कालीघाट थाने की पुलिस और बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं। इसी दौरान सीआईडी की दूसरी टीम कैमैक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय भी पहुंची।
VIDEO | Kolkata, West Bengal: CID concludes raids at the Trinamool Congress (TMC) central party office and party chief Mamata Banerjee’s Kalighat residence in connection with an ongoing probe into 'forged MLA signatures' case.
(Full video available on PTI Videos -… pic.twitter.com/4LgUwDXonb
— Press Trust of India (@PTI_News) June 9, 2026
सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी के अनुपस्थित रहने के कारण शुरुआत में सुरक्षा कर्मियों ने जांच टीम को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। अभिषेक बनर्जी फिलहाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ नई दिल्ली में मौजूद हैं। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पहुंचे सीआईडी अधिकारियों ने परिसर में प्रवेश किया। अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान सुरक्षा कर्मियों की ओर से हल्का विरोध भी किया गया।
यह कार्रवाई कुछ दिन पहले जारी किए गए उन नोटिसों के बाद हुई, जिनमें विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे गए एक प्रस्ताव पर टीएमसी विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी। यह प्रस्ताव विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की मान्यता से संबंधित बताया गया है।
सीआईडी अधिकारियों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी की ओर से पहले भेजे गए जवाब में कहा गया था कि संबंधित हस्ताक्षर हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित कार्यालय में एकत्र किए गए थे। इसी जानकारी के आधार पर जांच एजेंसी ने वहां पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की पड़ताल की।
इस कार्रवाई पर टीएमसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों की यह कार्रवाई जानबूझकर उस समय की गई जब ममता बनर्जी नई दिल्ली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से मुलाकात कर रही थीं।
हस्ताक्षर फर्जीवाड़ा मामले ने पहले ही पार्टी के भीतर मतभेदों को उजागर कर दिया है। अब सीआईडी की इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
यह भी पढ़ें:
कफ विकार दूर कर मानसिक समस्याओं में राहत देता है नाड़ी शोधन प्राणायाम!
अमेरिका के ईरान के जलाशयों पर हमलें, तटीय शहर सीरिक में पेयजल संकट
पाकिस्तानी सेना का अफ़ग़ानिस्तान पर कायराना हमला, 13 लोगों की मौत



