पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान के खारान ज़िले में एक बड़ा मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया है। लज्जे इलाके में ज़मीनी सेना को तैनात किया जा रहा है, जबकि अटैक हेलीकॉप्टर और मिलिट्री ड्रोन की मदद से बड़ा एयर स्ट्राइक भी किया जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, इस ऑपरेशन के दौरान ड्रोन हमले में एक लोकल किसान की मौत हो गई, जबकि कई दूसरे आम लोगों के घायल होने की आशंका है। मरने वालों और घायलों का आंकड़ा अभी अलग-अलग जारी नहीं किया गया है।
पाकिस्तानी सेना ने अपने ऑपरेशन को सिर्फ़ खारान तक ही सीमित नहीं रखा है, बल्कि बलूचिस्तान के कई दूसरे संवेदनशील ज़िलों में भी ज़मीनी और एयर स्ट्राइक का दायरा बढ़ा दिया है। आतंकवादियों को निशाना बनाने की आड़ में किए जा रहे इस ऑपरेशन में आम लोगों और चरवाहों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इस इलाके में लगातार मिलिट्री मूवमेंट और ड्रोन उड़ानों से आम लोगों की मौतों का आंकड़ा और बढ़ने का डर है।
दूसरी तरफ, पाकिस्तानी सरकारी मीडिया और सुरक्षा अधिकारियों का दावा है कि खारान के लज्जे इलाके में खुफिया एजेंसी के नेतृत्व वाले ऑपरेशन ‘ऑपरेशन राद-उल-फितना 3’ में कम से कम सात आतंकवादी मारे गए और उनके कई ठिकाने तबाह कर दिए गए। अगस्त 2026 में बलूचिस्तान में सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है। गुरिल्ला हमलों, सरकार के जवाबी हवाई हमलों और इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान ने पूरे प्रांत को एक गंभीर सुरक्षा और मानवीय संकट में डाल दिया है।
बैन अलगाववादी ग्रुप बलूच लिबरेशन आर्मी ने अकेले अगस्त के पहले दो हफ्तों में दर्जनों ऑपरेशन की जिम्मेदारी ली है। BLA ने पाकिस्तानी सेना के काफिले, चेक पोस्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों में 30 से ज़्यादा सैनिकों को मारने का दावा किया है। आतंकवादियों ने 18 इंच की मुख्य गैस पाइपलाइन को उड़ा दिया, जिससे प्रांतीय राजधानी क्वेटा सहित पांच बड़े जिलों में नेचुरल गैस की सप्लाई रुक गई, जिससे स्थानीय लोगों में गुस्सा और बढ़ गया।
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