गुट्टा के खेल तकनीक पर गौर करें तो उन्हें फ्रंट कोर्ट में खतरनाक माना जाता है। बैक कोर्ट से भी उनका स्मैश जबरदस्त है। वह ड्रॉप भी शानदार तरीके से करती थीं।
चौदह बार की नेशनल चैंपियन गुट्टा ने अपने करियर की शुरुआत में श्रुति कुरियन के साथ खेला, लेकिन उन्हें अश्विनी पोनप्पा के साथ ज्यादा इंटरनेशनल सफलता मिली। गुट्टा और पोनप्पा की जोड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत लोकप्रिय रही। ये जोड़ी लगातार बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप-ट्वेंटी में शामिल रही और 2015 में नंबर 10 तक पहुंची।
युवा लड़कियों में बैडमिंटन का क्रेज बढ़ाने वाली खिलाड़ी रहीं गुट्टा ने 2011 में विश्व चैंपियनशिप में महिला डबल्स में कांस्य, कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 में महिला डबल्स में स्वर्ण और मिक्स टीम में रजत, और 2014 कॉमनवेल्थ में महिला डबल्स में रजत पदक जीता था। 2014 में इंचियोन में हुए एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था।
दक्षिण एशियन गेम्स 2004 में महिला डबल्स, मिक्स डबल्स, महिला टीम में स्वर्ण, 2006 दक्षिण एशियाई गेम्स में महिला डबल्स, मिक्स डबल्स और महिला टीम में स्वर्ण पदक गुट्टा के नाम हैं। गुट्टा और दीजू ने 2009 में चीनी ताइपे ओपन जीता और ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड इवेंट जीतने वाली पहली भारतीय जोड़ी बन गईं।



