MPSC पेपर लीक पर विपक्ष ने आक्रामक रुख अपनाया है। पुणे में पेपर लीक के खिलाफ स्टूडेंट्स ने प्रोटेस्ट मार्च निकाला है। स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट मार्च में लड़कियों की संख्या काफी है। स्टूडेंट प्रोटेस्ट मार्च में शामिल हुई लड़कियां मांग कर रही हैं कि, MPSC पेपर लीक को रोकने के लिए पक्के कदम उठाए जाएं। सुप्रिया सुले ने इस मार्च में हिस्सा लिया। उन्होंने स्टूडेंट्स से बातचीत की और समस्याओं के बारे में जाना। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सुप्रिया सुले ने सरकार से बड़ी मांग की।
सुप्रिया सुले ने कहा, ‘स्टूडेंट्स चर्चा के लिए तैयार हैं। लेकिन उनसे चर्चा करने कौन आ रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बच्चे पढ़ें, नौकरी करें, अच्छी शिक्षा लें, देश की सेवा करें। लेकिन दुर्भाग्य से स्टूडेंट्स को सड़कों पर उतरकर प्रोटेस्ट करना पड़ रहा है। यह सरकार की नाकामी है। मैं विनम्रता से कह रही हूं कि किसी जिम्मेदार व्यक्ति को भेजकर स्टूडेंट्स से चर्चा करें।’ पेपर फटने पर उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे नहीं पता कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल क्यों नहीं हो रहा है। पूरी दुनिया में ऐसे कई एग्जाम होते हैं। इंडिया में भी कई एग्जाम होते हैं। वहां पेपर फटते नहीं हैं। फिर इसी एग्जाम में पेपर कैसे फटते हैं? इतना AI, टेक्नोलॉजी है, तो वे कुछ कर सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि पेपर फटने को रोका जा सकता है।’
‘मैं आपको यह नहीं बताना चाहती कि देश में कितने ऑटोनॉमस इंस्टिट्यूशन हैं। मैं एक बार फिर महाराष्ट्र सरकार और चीफ मिनिस्टर से रिक्वेस्ट करती हूं कि किसी जिम्मेदार को भेजें। बच्चों से बात करें। आइए सब मिलकर कोई रास्ता निकालें। वे सब हमारे बच्चे हैं। उनके लिए कोई रास्ता निकालें। सरकार किसके लिए है? सरकार हर मामले में फेल है। आपके चैनल के पास जितने कम घंटे हैं, राज्य में उतने ही ज्यादा प्रोटेस्ट हो रहे हैं। मैंने आपके चैनल पर यह भी देखा कि कितने किसानों ने सुसाइड किया है। किसान, महिलाएं और युवा सभी सड़कों पर हैं।’ सुले ने आगे कहा, ‘चीफ मिनिस्टर फडणवीस को स्टूडेंट्स की प्रॉब्लम जाननी चाहिए और जल्द से जल्द सॉल्यूशन निकालना चाहिए। मार्च में भीड़ देखकर स्टूडेंट्स का गुस्सा साफ पता चलता है। उन्होंने आगे मांग की कि सरकार को प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी के इस्तीफे पर विचार करना चाहिए, क्योंकि स्टूडेंट्स समय-समय पर इसकी मांग करते रहे हैं।
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