राजनीतिक आरोपों की वजह से एक बार फिर चर्चा में आए दिशा सालियान डेथ केस की जांच सीनियर CBI ऑफिसर सीमा पाहुजा को सौंपी गई है।
दिल्ली में CBI की स्पेशल क्राइम यूनिट में SP के तौर पर काम कर रही सीमा पाहुजा को जांच की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है। 2021 में सीमा पाहुजा को बेस्ट इन्वेस्टिगेटिव ऑफिसर का गोल्डन अवॉर्ड मिला था। उसके बाद, सीमा पाहुजा के सुपरविजन की वजह से दिशा सालियान केस की जांच अब खास अहमियत रखती है।
CBI की स्पेशल क्राइम यूनिट में SP के तौर पर
सीमा पाहुजा CBI की सीनियर इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर हैं और अभी CBI की स्पेशल क्राइम यूनिट में SP के तौर पर काम कर रही हैं। सीमा को सेंसिटिव और हाई-प्रोफाइल क्राइम की जांच का अनुभव है। 2020 में हाथरस रेप-मर्डर केस की CBI जांच टीम में उनका अहम रोल था। उन्होंने इस केस को बहुत ध्यान से और तेज़ी से हैंडल किया। इतना ही नहीं, उन्होंने देश को हिला देने वाले उन्नाव रेप केस की जांच में भी काम किया है।
दिशा सालियान की मौत की जांच छह साल से ज़्यादा समय से चल रही है
वे कोलकाता के RG कर मेडिकल कॉलेज में हुए रेप-मर्डर केस की CBI जांच से भी जुड़े रहे हैं। उनके केस की चर्चा आज भी पूरे देश में हो रही है। साथ ही, उन्हें हिमाचल प्रदेश के बदनाम गुड़िया रेप-मर्डर केस की जांच का भी अनुभव है। इसलिए, उम्मीद है कि दिशा सालियान केस की जांच जल्द ही पटरी पर आ जाएगी। दिशा सालियान की मौत को छह साल से ज़्यादा हो गए हैं, ऐसे में सीमा के सामने एक बड़ी चुनौती होगी।
क्या CBI नए सिरे से जांच करेगी?
इस बीच, CBI की FIR में कई लोगों के नाम और आरोप हैं, लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, FIR में किसी भी व्यक्ति को अपने आप आरोपी नहीं माना जाता है। जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों के आधार पर किसी व्यक्ति की भूमिका तय की जाएगी। CBI टीम अब दिशा सालियान की मौत से जुड़े पुराने रिकॉर्ड और मौजूद सबूतों की फिर से जांच करेगी।
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