झमाझम होती बारिश और गीली आउटफील्ड के चलते टॉस तय समय से दो घंटे की देरी से हुआ। इसके बाद मैच को 5-5 ओवर का किया गया। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम जापान के स्पिन गेंदबाजों के आगे बुरी तरह से संघर्ष करते दिखाई दिए।
अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। वहीं, संजू सैमसन भी रनों के लिए जूझते दिखाई दिए और वह 7 गेंदों में 9 रन बनाकर आउट हुए। संजू अपनी इस पारी में सिर्फ एक चौका लगा सके। ईशान किशन भी 6 गेंदें खेलने के बाद महज 3 रन ही बना सके। कप्तान श्रेयस अय्यर भी बड़ा शॉट लगाने के लिए मशक्कत करते नजर आए और वह 12 गेंदों का सामना करने के बाद सिर्फ 16 रन ही बना सके।
अय्यर ने अपनी इस पारी में महज एक चौका लगाया। तिलक वर्मा एक रन बनाकर नाबाद रहे। भारतीय बल्लेबाजों ने पूरी पारी में सिर्फ दो चौके लगाए और टीम की ओर से एक भी सिक्स नहीं लगा। चार्ली हारा-हिन्जे जापान के सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 17 रन देकर 2 विकेट चटकाए। वहीं, इब्राहिम ताकाहाशी और बेंजामिन इटो-डेविस ने एक-एक विकेट झटका।
भारत से मिले 33 रनों का लक्ष्य का पीछा करने उतरी जापान की शुरुआत अच्छी नहीं रही। अक्षर पटेल ने पहला ओवर बेहद किफायती फेंकने के साथ-साथ लैकलन यामामोटो-लेक को सिर्फ एक रन के स्कोर पर पवेलियन भेजा। पहले ओवर में जापान की टीम सिर्फ 2 रन ही बना सकी।
रवि बिश्नोई तीसरे ओवर में महंगे साबित हुए और उन्होंने कुल 10 रन खर्च किए। वह इस ओवर में कोई भी विकेट चटकाने में भी नाकाम रहे। चौथे ओवर में वॉशिंगटन सुंदर ने 7 रन खर्च करते हुए जापान के कप्तान केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग को 12 रनों के स्कोर पर पवेलियन भेजा।



