आयोजन को लेकर जहां श्रद्धालुओं में उत्साह है, वहीं जिला प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। इस वर्ष गांधी मैदान में रावण का 90 फीट, मेघनाथ का 85 फीट और कुंभकर्ण का 80 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया गया है।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव और कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के शामिल होने की स्वीकृति मिल चुकी है।
उधर, कार्यक्रम को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेटों और पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा, प्रभावी भीड़ प्रबंधन तथा प्रवेश और निकास मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
इस कार्यक्रम को लेकर यातायात व्यवस्था में भी परिवर्तन किया गया है। जिलाधिकारी ने गांधी मैदान स्थित रावण दहन स्थल का निरीक्षण कर सीसीटीवी कैमरों, ध्वनि विस्तारक यंत्रों, अग्निशमन व्यवस्था, प्राथमिक उपचार केंद्र और चिकित्सा सुविधाओं की तैयारियों की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने और कार्यक्रम से पहले व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर कमियों को दूर करने का निर्देश दिया। प्रशासन का जोर है कि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और विजयादशमी का यह पारंपरिक आयोजन सुरक्षित माहौल में संपन्न हो।



