छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) में आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व मध्य रेल के महाप्रबंधक श्री राजीव श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) की सचिव श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा और अपर सचिव श्री पुनीत यादव भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में यात्रियों ने अपनी समस्याएं, अनुभव और सुझाव अधिकारियों के सामने रखे।
यात्रियों ने उपनगरीय ट्रेनों में बढ़ती भीड़, ट्रेनों के विलंब से चलने, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को होने वाली परेशानियों तथा दिव्यांगजन डिब्बों में अनधिकृत यात्रा की शिकायतें उठाईं। इसके अलावा फेरीवालों की समस्या, स्टेशनों पर ठंडे पेयजल की अपर्याप्त सुविधा और त्योहारों के दौरान मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनों में आरक्षित टिकटों की अनुपलब्धता जैसे मुद्दे भी सामने आए।
मुंबई मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री हिरेश मीना ने बताया कि मध्य रेल प्रतिदिन 1,820 उपनगरीय ट्रेन सेवाएं संचालित कर रहा है। कई सेवाओं को हाल ही में 15 डिब्बों वाली ट्रेनों में अपग्रेड किया गया है। कसारा मार्ग पर भी जल्द ही 15 डिब्बों वाली ट्रेनें शुरू करने की योजना है। त्योहारों के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए विशेष ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि अलार्म चेन खींचने की घटनाओं और अन्य परिचालन संबंधी बाधाओं के बावजूद ट्रेनों का समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यात्रियों की समस्याओं के समाधान और सुविधाओं में सुधार के लिए उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया।
संवाद के दौरान यात्रियों ने उपनगरीय ट्रेनों में महिलाओं के लिए अधिक डिब्बे उपलब्ध कराने, एसी लोकल का किराया कम करने, मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनों में महिलाओं के लिए अलग डिब्बों की व्यवस्था करने तथा स्लीपर कोच की संख्या बढ़ाने के सुझाव दिए। पश्चिमी उपनगरों के यात्रियों की सुविधा के लिए विरार से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के बीच उपनगरीय सेवाएं शुरू करने की मांग भी सामने आई।
यात्रियों ने रेलवे में पिछले कुछ वर्षों के दौरान स्वच्छता, यात्री सुविधाओं, हेल्पलाइन सेवाओं और रेलवे कर्मचारियों के सहयोग में हुए सकारात्मक बदलावों की सराहना भी की। अधिक से अधिक लोगों की राय जानने के लिए फीडबैक फॉर्म वितरित किए गए।
DARPG की सचिव श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा ने कार्यक्रम में यात्रियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा देने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया।
इस अवसर पर मध्य रेल सांस्कृतिक संघ के कलाकारों ने ‘बदलती रेल – नए भारत की पहचान’ विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
मध्य रेल के विभिन्न स्टेशनों पर प्राप्त शिकायतों और सुझावों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। अल्पकालिक मामलों में तत्काल समाधान योग्य समस्याएं, मध्यकालिक मामलों में विभागीय समन्वय और योजना की जरूरत वाले मुद्दे तथा दीर्घकालिक मामलों में नीतिगत बदलाव या उच्च अधिकारियों की मंजूरी से जुड़े विषय शामिल हैं।
यह अभियान लंबित मामलों के निपटान हेतु विशेष अभियान (SCDPM-6) का हिस्सा है, जो 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न रेल जोनों और रेलवे इकाइयों में चलाया जा रहा है।
मध्य रेल के अनुसार, ‘रेल जन संवाद’ का उद्देश्य यात्रियों की आवाज को रेलवे प्रबंधन तक पहुंचाना, शिकायतों के समाधान के लिए व्यवस्थित व्यवस्था विकसित करना और जनभागीदारी के माध्यम से रेल सेवाओं तथा यात्रा अनुभव में निरंतर सुधार लाना है।
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