निशिकांत दुबे ने दावा किया कि राहुल गांधी ने पिछले 10 वर्षों में करीब 270 बार विदेश यात्राएं की हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी किन-किन लोगों से मिले, उनकी विदेश यात्राओं के दौरान किन लोगों से संपर्क हुआ और भारत जोड़ो यात्रा में कौन-कौन शामिल हुए, इसकी पड़ताल होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके इन संपर्कों का इस्तेमाल देश में अस्थिरता पैदा करने की साजिशों में किया जा रहा है।
उन्होंने अमेरिका में आई कांग्रेस से जुड़ी रिपोर्ट और नेविल रॉय सिंघम के नेटवर्क का भी जिक्र किया तथा बिटकॉइन, क्रिप्टोकरेंसी और ऑनलाइन गैंबलिंग से जुड़े आर्थिक तंत्र पर सवाल उठाए। भाजपा सांसद ने मौजूदा विरोध प्रदर्शनों को ‘जेन जी’ आंदोलन बताए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने हाईकोर्ट की कथित हालिया टिप्पणियों का हवाला देते हुए आंदोलन से जुड़े लोगों की उम्र और पृष्ठभूमि पर टिप्पणी की।
राहुल गांधी की उम्र का जिक्र करते हुए उन्होंने तंज कसा कि केवल टी-शर्ट और जींस पहनने से कोई युवा नहीं हो जाता। उन्होंने प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और वृंदा करात जैसे नेताओं का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि ये चेहरे लंबे समय से विभिन्न आंदोलनों में मौजूद दिखते हैं।
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि इस कथित साजिश का उद्देश्य भारत में सत्ता परिवर्तन के साथ देश की सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था को कमजोर करना है। उन्होंने जाकिर नाइक, खालिस्तान समर्थक गतिविधियों से जुड़े गुरपतवंत सिंह पन्नू और अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम का जिक्र करते हुए दावा किया कि इन लोगों ने भी आंदोलन के प्रति समर्थन जताया है।
निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि विदेशी धरती से सक्रिय ऐसे तत्व भारत में धार्मिक और जातीय आधार पर विभाजन पैदा करना चाहते हैं। भाजपा सांसद ने कहा कि इस कथित आंदोलन का मकसद भारत को पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका जैसी परिस्थितियों की ओर धकेलना है।



