28.1 C
Mumbai
Wednesday, October 28, 2026
होमदेश दुनियासीमावर्ती क्षेत्रों में पहुंचे सेना प्रमुख, माणा व जोशीमठ में परखीं सैन्य...

सीमावर्ती क्षेत्रों में पहुंचे सेना प्रमुख, माणा व जोशीमठ में परखीं सैन्य तैयारियां!

इस दौरान उन्होंने अग्रिम क्षेत्रों में तैनात सैनिकों से बातचीत की और देश की सीमाओं की सुरक्षा में उनके पेशेवर रवैये, समर्पण और कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता की सराहना की।

Google News Follow
थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया है। यहां उन्होंने गढ़वाल क्षेत्र में माणा और जोशीमठ सेना की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। बता दें कि माणा भारत के इस सीमावर्ती क्षेत्र का प्रथम गांव है। इसके साथ ही सेना प्रमुख ने युद्धक क्षमता और सीमावर्ती इलाकों में चल रहे बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों की भी जानकारी ली।

इस दौरान उन्होंने अग्रिम क्षेत्रों में तैनात सैनिकों से बातचीत की और देश की सीमाओं की सुरक्षा में उनके पेशेवर रवैये, समर्पण और कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता की सराहना की।

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने इस दौरान क्षेत्र में सेना की तैयारियों, युद्धक तत्परता और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी हासिल की। उन्होंने बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक के व्यापक इस्तेमाल, सैन्य क्षमताओं में लगातार सुधार और हर समय सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया।

जनरल धीरज सेठ ने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा के लिए सैनिकों की तैयारी और उनकी क्षमता को लगातार मजबूत बनाए रखना जरूरी है। बदलते सुरक्षा परिदृश्य में तकनीक का बेहतर इस्तेमाल और सैन्य तैयारियों को लगातार उन्नत करना महत्वपूर्ण है।

सेना प्रमुख ने भारत के प्रथम गांव माणा का भी दौरा किया। यहां उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, स्थानीय लोगों को सशक्त बनाने और आजीविका के स्थायी अवसर पैदा करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का जायजा लिया।

उन्होंने सेना के जवानों और स्थानीय निवासियों की उन सामूहिक कोशिशों की सराहना की, जिनके जरिए क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने और सामाजिक-आर्थिक विकास के नए अवसर तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। सेना प्रमुख का यह दौरा सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास, दोनों पर भारतीय सेना के ध्यान को रेखांकित करता है।

एक ओर सेना इस क्षेत्र में अपनी परिचालन तैयारियों और युद्धक क्षमता की समीक्षा कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम कर रही है।

गौरतलब है कि हाल ही में भारतीय सेना का एक दल हिमालय के दुर्गम रास्तों से होते हुए यहां पहुंचा था। यह दल दिल्ली से भारत के अंतिम गांव माणा तक गया। अब यह पूर्वोत्तर की ओर बढ़ रहा है। सेना हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में यह अनूठी पहल कर रही है। इस यात्रा में नाथू ला और बुम ला जैसे ऊंचाई वाले दर्रों को पार करना भी शामिल है।

ये दर्रे समुद्र तल से 4,500 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर स्थित हैं। इतनी ऊंचाई पर कम तापमान, कठिन चढ़ाई और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रदर्शन इस अभियान को खास बनाता है।

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 12 अक्टूबर को दिल्ली छावनी स्थित मानेकशॉ केंद्र से ‘स्टैलियंस पैन-हिमालयन ईवी राइडर्स एक्सपीडिशन’ (स्पेयर) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह दल लगभग 4,850 किलोमीटर लंबा यह अभियान हिमालय, गंगा के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर भारत के विविध भौगोलिक क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।

यह भी पढ़ें-
National Stock Exchange

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited
[td_block_social_counter open_in_new_window="y" style="style6 td-social-boxed" block_template_id="td_block_template_9" border_color="#fbd54a" f_header_font_size="26" f_header_font_weight="700" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXRvcCI6IjAiLCJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJwYWRkaW5nLXRvcCI6IjAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn19" custom_title="हमें फॉलो करें" facebook="NewsDankaHindi" twitter="NewsDanka" youtube="channel/UCqtL0xCsgAmB3XXrh9nln2Q" manual_count_twitter="526" f_header_font_family="668"]

अन्य लेटेस्ट खबरें