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Wednesday, January 14, 2026
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क्यों गए थे मुख्यमंत्री ठाकरे कोल्हापुर…’धबधबा’ देखने? जानें स्थानीय बाढ़ पीड़ितों की जुबानी

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-राज सोनी-/ठाणे

मुंबई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हालात का जायजा लेने कोल्हापुर दौरे पर पहुँचे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने यहां भी वही किया, जो कोंकण में किया था। संकट में फंसे बाढ़पीड़ितों को दरकार थी ठोस आर्थिक राहत की, पर ऐसा कुछ करने की बजाय वे महज अपना वही पुराना राग आलाप कर हाथ हिलाते लौट आए कि ‘ मैं पैकेज देने वाला नहीं, मदद करने वाला मुख्यमंत्री हूँ।’ मुख्यमंत्री के इस रवैए को लेकर इन बाढ़ प्रभावितों में भारी निराशा व आक्रोश का माहौल है। इससे चिढ़े इन लोगों का कहना है, ‘ मुख्यमंत्री ने मदद की बात भर की, कोई मदद नहीं की, तो फिर कोल्हापुर आए ही क्यों थे, ‘धबधबा’ (जल-प्रपात) देखने ? हमारी तबाही का तमाशा ही देखना था, तो टीवी, अखबार, सोशल मीडिया सब बता ही रहे हैं, ‘वर्षा’ में बैठे-बिठाए ही देख-जान लेते।’

कोल्हापुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना करते हुए मुख्यमंत्री ने बाढ़ के कहर से बेहाल स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की। प्रदेश के मुखिया पहुँचे थे, इसलिए उम्मीद थी उन्हें कि वे राहत की मरहम लगाएंगे। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। यह जरूर हुआ कि मुख्यमंत्री ठाकरे ने इस दरमियान मीडिया से चर्चा के दौरान महज चिकनी-चुपड़ी और आदर्शवादी बातें भर कहीं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र पर बरपा यह आसमानी कहर भीषण है और इससे बाहर निकलने के साथ ही सरकार की प्राथमिकता बाढ़ के पानी से आशंकित बीमारियाँ फैलने से रोकने के लिए आवश्यक साफ-सफाई करने, पीड़ितों को सांत्वना देने और उनके पुनर्वास की है।

उन्होंने कहा कि यह परेशानी प्रायः की हो गई है, जिसमें लोगों की घर-गृहस्थी तबाह हो रही है। लिहाजा, लोगों की अपेक्षा है कि इसका स्थायी हल निकाला जाए। उन्होंने नदियों में उफान के बाद आने वाले अतिरिक्त पानी के नियोजन के लिए प्रारूप बनाने का आश्वासन देते हुए भूस्खलन, सड़कें धंसने आदि के बारे में भी कुछ उपाय करने को कहा। साथ ही, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों सहित भूस्खलन के खतरे वाली बस्तियों का बढ़िया तरीके से पुनर्वास करने पर सरकार द्वारा जोर दिए जाने की बात कही। कोंकण में भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के जायजा-दौरे के दरमियान मुख्यमंत्री ठाकरे ने यही रुख अख्तियार किया था, जबकि बाढ़ प्रभावित कोंकणवासियों को उनसे फौरी मदद की आशा थी। इतना ही नहीं, उस दौरे पर मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल गुहागर के शिवसेना विधायक भास्कर जाधव ने चिपलून में मदद की गुहार लगाती एक महिला को बुरी तरह झिड़कते हुए उसे मारने को हाथ उगार कर बेशर्मी की हद पार कर दी थी और अपने समक्ष यह सब होता देख भी मुख्यमंत्री इस पर कुछ नहीं बोले थे।

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