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Tuesday, January 6, 2026
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कर्तव्य पथ पर सांस्कृतिक विरासत, परेड में दिखी 23 खूबसूरत झांकियां

इस बार ज्यादा झांकियों का विषय 'नारी शक्ति' पर आधारित।

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गणतंत्र दिवस देश का राष्ट्रीय पर्व होता है और इस दिन भारत की सांस्कृतिक विविधता की भी झलक दिखाई जाती है। इस दौरान देश के अलग-अलग राज्य अपनी झांकी पेश करते हैं और देश की सांस्कृतिक धरोहर को दिखाते हैं। इसमें 23 झांकियां परेड का हिस्सा बनी। 17 झांकियां जहां देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रही तो वहीं 6 सरकारी मंत्रालयों और विभागों की रही।

इस परेड के दौरान उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, पश्चिम बंगाल, असम सहित कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की खूबसूरत और मन को मोह लेने वाली झांकियां दर्शकों को लुभाएंगी। इस बार ज्यादा झांकियों का विषय ‘नारी शक्ति’ पर आधारित है।

इस दौरान असम की झांकी में अहोम योद्धा लचित बोड़फुकन को एक नाव पर और मां कामाख्या मंदिर के दृश्य को दिखाया गया है। बोड़फुकन पूर्ववर्ती आहोम साम्राज्य के सेनापति थे जिन्होंने 1671 के सरायघाट युद्ध में मुगल सेना के असम पर कब्जा करने के प्रयास को विफल कर दिया था। केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष बोड़फुकन की 400वीं जयंती मनायी थी। लद्दाख की झांकी में इस केंद्रशासित प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के मनोरम दृष्य और जीवंत संस्कृति की झलक देखने को मिली। झांकी में लेह और करगिल के कलाकारों की मंडली भी देखने मिली।

उत्तर प्रदेश की झांकी में अयोध्या का दीपोत्सव दिखाया गया। यूपी की झांकी में अयोध्या की झलक साफ नजर आई।  उत्तराखंड की झांकी में वन्यजीवन और धार्मिक स्थलों को प्रदर्शित किया। उत्तराखंड की झांकी में जिम कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान को दर्शाया गया जिसमें हिरण, राष्ट्रीय पक्षी मोर सहित कई तरह के पशु पक्षी विचरण करते नजर आए। झांकी में जागेश्वर धाम को भी दर्शाया गया। कर्नाटक की झांकी में नारी शक्ति महोत्सव ने सभी को आकर्षित किया।
हरियाणा की झांकी में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की झलक। महाभारत के युद्ध के समय भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश और उनका ‘विराट स्वरूप’ परेड में हरियाणा द्वारा निकाली गई झांकी के केंद्र बिंदु रहे। पश्चिम बंगाल की झांकी में कोलकाता में दुर्गा पूजा, यूनेस्को द्वारा मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का वर्णन किया। वहीं झारखंड की झांकी में बाबा बैद्यनाथ धाम के दर्शन हुए। तमिलनाडु की झांकी के जरिए संगम युग से लेकर वर्तमान तक महिला सशक्तिकरण और संस्कृति को उजागर किया गया।
आंध्र प्रदेश की झांकी में गणतंत्र दिवस परेड में मकर संक्रांति के दौरान किसानों के त्योहार ‘प्रभला तीर्थम’ को दर्शाया गया। त्रिपुरा की झांकी में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ पर्यटन और जैविक खेती के माध्यम से सतत आजीविका को दर्शाया गया। गुजरात की झांकी में  मोढेरा सोलर गांव को दर्शाया गया। इस झांकी से जरिए स्वच्छ हरित ऊर्जा दक्ष गुजरात की झलक देखने को मिली। जम्मू-कश्मीर की झांकी की थीम ‘नया जम्मू-कश्मीर’ थी। इस झांकी में अमरनाथ गुफा, ट्यूलिप गार्डन और  लैवेंडर की खेती की झलक दिखाई दी। महाराष्ट्र की झांकी की थीम थी ‘संतों और देवताओं की भूमि महाराष्ट्र’। महाराष्ट्र की संस्कृति की झलक झांकी में देखने को मिली।
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https://hindi.newsdanka.com/international/the-country-is-celebrating-74th-republic-day-those-things-of-the-parade-which-are-proud-of/50646/
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