26 C
Mumbai
Tuesday, March 17, 2026
होमदेश दुनियाराजौरी में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़, दो जवान शहीद, 4 सैनिक जख्मी

राजौरी में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़, दो जवान शहीद, 4 सैनिक जख्मी

आतंकियों के हताहत होने की संभावना जताई जा रही है।

Google News Follow

Related

जम्मू संभाग के जिला राजोरी के कंडी इलाके में शुक्रवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुआ जिसमें दोनों ओर से गोलीबारी की जा रही है। वहीं सेना ने बयान जारी कर बताया कि इस पीटीआई ने सेना की उत्तरी कमांड के हवाले से बताया कि ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने एक ब्लास्ट किया जिसमें दो जवान मारे गए जबकि चार घायल हो गए।  घायलों में एक अधिकारी है। घायल जवानों को कमांड अस्पताल उधमपुर ले जाया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इंटरनेट सेवाओं को फिलहाल बंद कर दिया गया है।

दरअसल सेना और CRPF की एक संयुक्त टीम ने क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में विशेष सूचना पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जैसे ही टीमें संदिग्ध स्थान पर पहुंचीं, तो छिपे हुए आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी, जवाबी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ शुरू हो गई। सुरक्षाबलों ने 2 से 3 आतंकियों को घेरा है। राजौरी जिले के बनयारी पर्वतीय क्षेत्र के डोक में दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है।

हाल ही में पुंछ के भटादूड़ियां इलाके में सैन्य वाहन पर आतंकी हमले और इसी साल एक जनवरी को राजोरी के ढांगरी में आतंकी हमले के बाद से ही दोनों जिलों में सुरक्षाबलों की तरफ से व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। तो वहीं गुरुवार को बारामुला जिले के क्रीरी क्षेत्र के वानीगाम पायीन गांव में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ में आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित दो स्थानीय आतंकवादियों को मार गिराया गया। इससे पहले बुधवार को कुपवाड़ा जिले की एलओसी से सटे मच्छिल सेक्टर में सुरक्षाबलों के हाथ बड़ी कामयाबी लगी। इस दौरान दो घुसपैठियों को मार गिराया गया।

बता दें कि भारत ने जी-20 शिखर सम्मेलन के हिस्से के रूप में कार्यसमिति की बैठक के लिए श्रीनगर को स्थान के रूप में चुनकर पाकिस्तान और चीन को झटका दिया। केंद्र सरकार ने गणना की है कि कार्यक्रम यह संदेश देने में सक्षम होगा कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद स्थिति सामान्य हो गई है। पड़ोसी देशों पाकिस्तान और चीन के कड़े विरोध के बावजूद श्रीनगर में कार्यक्रम स्थल तय किया गया। श्रीनगर में 22 से 24 मई तक पर्यटन के लिए कार्यसमिति की बैठक होनी है। पाकिस्तान ने आयोजन स्थल को श्रीनगर में बदलने के लिए सऊदी अरब, तुर्की और चीन जैसे देशों के साथ परामर्श किया लेकिन असफल रहा। इन्हीं स्थितियों के चलते कश्मीर में आएं दिन आतंकवादी घटनाएं देखने को मिल रही है।

ये भी देखें 

मणिपुर तोड़फोड़ और आगजनी की क्या है वजह? जाने मैतई समाज क्या है?      

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,029फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
298,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें