28 C
Mumbai
Friday, April 3, 2026
होमबॉलीवुडआवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर मनोज बाजपेयी का...

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर मनोज बाजपेयी का बयान!

“लोगों को भी सुरक्षित रहने का अधिकार”

Google News Follow

Related

सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश में दिल्ली-एनसीआर के सभी आवारा कुत्तों को आठ सप्ताह के भीतर शेल्टर होम्स में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले ने देशभर में गहरी बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर कई पशु प्रेमी और बॉलीवुड सितारे इस आदेश का विरोध कर रहे हैं, वहीं कुछ इसे सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से जरूरी बता रहे हैं। इसी बीच अभिनेता मनोज बाजपेयी ने एक संतुलित प्रतिक्रिया दी है।

मनोज बाजपेयी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, “इन जानवरों ने सड़कों को नहीं चुना, और ये हम सबके प्यार के हकदार हैं, और लोगों को भी सुरक्षित महसूस करने का हक है। आगे का रास्ता हमदर्दी से तय होना चाहिए। डर के साए तले उनके भाग्य का फैसला नहीं किया जाना चाहिए।” उन्होंने साफ कहा कि कुत्तों का जीवन सड़कों पर नहीं, बल्कि बेहतर घरों में होना चाहिए और इंसानों की सुरक्षा भी उतनी ही अहम है।

11 अगस्त को जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और आर. महादेवन की पीठ ने आदेश दिया कि दिल्ली-एनसीआर के सभी आवारा कुत्तों को शेल्टर में भेजा जाए और उन्हें सड़कों पर वापस न छोड़ा जाए। साथ ही, नगर निगमों को वैक्सीनेशन और पर्याप्त शेल्टर बनाने का भी निर्देश दिया गया।

इस फैसले पर बॉलीवुड दो हिस्सों में बंट गया है। विरोध करने वालों में जान्हवी कपूर, वरुण धवन, टाइगर श्रॉफ, रवीना टंडन, भूमि पेडनेकर, जॉन अब्राहम, वीर दास, चिन्मयी श्रीपदा, सिद्धार्थ आनंद और अदिति गोवित्रीकर जैसे सितारे शामिल हैं। इन कलाकारों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस आदेश को क्रूर और अव्यावहारिक बताया।

जान्हवी और वरुण ने इसे “बेजुबानों के साथ अत्याचार” करार देते हुए नसबंदी, टीकाकरण और सामुदायिक देखभाल का सुझाव दिया। जॉन अब्राहम ने तो सीधे मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर इस आदेश को पशु अधिकार नियमों के खिलाफ बताया। रवीना टंडन ने स्थानीय निकायों की नसबंदी नीति की विफलता को जिम्मेदार ठहराया।

वहीं, समर्थन करने वालों में राम गोपाल वर्मा और रणदीप हुड्डा सामने आए। वर्मा ने कहा कि “मानव जीवन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और बच्चों को आवारा कुत्तों से खतरा है।” रणदीप हुड्डा ने इसे बड़ा समाधान करार दिया।  कुल मिलाकर, यह मुद्दा अब सिर्फ पशु अधिकार बनाम मानव सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज, सरकार और न्यायपालिका को एक संतुलित रास्ता खोजने की चुनौती दे रहा है।

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,056फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
301,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें