एयर इंडिया पर लगा ₹1 करोड़ का जुर्माना; एयरवर्थिनेस परमिट के बिना 8 उड़ानें की संचालित

DGCA ने भरोसे में गिरावट

एयर इंडिया पर लगा ₹1 करोड़ का जुर्माना; एयरवर्थिनेस परमिट के बिना 8 उड़ानें की संचालित

Air India fined ₹1 crore for operating 8 flights without airworthiness permit

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयर इंडिया पर लगभग ₹1 करोड़ (USD 110,350) का जुर्माना लगाया है। कारण यह बताया गया कि एयरलाइन ने एक एयरबस विमान को वैध एयरवर्थिनेस परमिट के बिना आठ बार उड़ाया। नियामक के एक गोपनीय आदेश के अनुसार, इस चूक से एयरलाइन के प्रति जनता का भरोसा और कम हुआ है।

यह दंड Airbus के A320 विमान से जुड़ा है, जिसने 24 और 25 नवंबर को दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद के बीच कई सेक्टर्स में यात्रियों को ढोया। जांच में पाया गया कि इन उड़ानों के दौरान विमान के पास अनिवार्य एयरवर्थिनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) नहीं था। ARC हर साल DGCA द्वारा सुरक्षा और अनुपालन जांच पूरी होने के बाद जारी किया जाता है।

एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा, “एयर इंडिया 2025 में स्वेच्छा से रिपोर्ट की गई एक घटना से संबंधित DGCA के आदेश की प्राप्ति को स्वीकार करती है। पहचानी गई सभी कमियों को संतोषजनक ढंग से दूर कर लिया गया है और प्राधिकरण के साथ साझा किया गया है। परिचालन अखंडता और सुरक्षा के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखने के प्रति एयर इंडिया की प्रतिबद्धता अटूट है।”

एयरलाइन की आंतरिक जांच रिपोर्ट दिसंबर में आई थी, जिसमें सिस्टमिक फेल्योर का उल्लेख किया गया और अनुपालन संस्कृति को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता मानी गई। 5 फरवरी को जारी गोपनीय दंड आदेश में DGCA ने एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन को संबोधित करते हुए कहा कि “यह घटना जनता के विश्वास को और कमजोर करती है तथा संगठन की सुरक्षा अनुपालन स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।” आदेश में यह भी कहा गया कि,“एयर इंडिया की ओर से जवाबदेह प्रबंधक उपरोक्त चूकों के लिए दोषी पाए गए हैं। एयरलाइन को 30 दिनों के भीतर ₹1 करोड़ जमा करने का निर्देश दिया गया है।”

दौरान एयर इंडिया पर नियामकीय निगरानी बढ़ी हुई है। पिछले वर्ष जून में बोईंग के ड्रीमलाइनर के अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना के बाद सुरक्षा प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें 260 लोगों की जान गई थी।

एयरबस घटना की आंतरिक समीक्षा में पायलट्स की भूमिका भी रेखांकित की गई। रिपोर्ट के अनुसार, जिन पायलट्स ने इन आठ उड़ानों का संचालन किया, उन्होंने प्रस्थान से पहले मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। हाल के महीनों में, टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के स्वामित्व वाली एयर इंडिया को आपातकालीन उपकरणों की जांच में कमियों और अन्य ऑडिट-संबंधी चूकों को लेकर भी DGCA की चेतावनियां मिल चुकी हैं।

नियामक ने संकेत दिया है कि सुरक्षा और अनुपालन से जुड़ी किसी भी लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और विमानन प्रणाली पर भरोसा बनाए रखा जा सके।

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