पश्चिम एशिया युद्ध संकट के बीच भारत ने वैकल्पिक मार्गों से एलपीजी-एलएनजी आपूर्ति की सुनिश्चित

घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया

पश्चिम एशिया युद्ध संकट के बीच भारत ने वैकल्पिक मार्गों से एलपीजी-एलएनजी आपूर्ति की सुनिश्चित

Amid West Asia war crisis, India ensures LPG-LNG supply through alternative routes

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति में बाधाओं उत्पन्न हुई है। खाड़ी देशों से बाहर निकलने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य पर युद्ध के कारण जबरदस्त तनाव बना है, जिस रस्ते से विश्वभर के 20प्रतिशत ईंधन की आपूर्ति होती है।  उसी के बीच भारत ने रसोई गैस और प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए वैकल्पिक आयात मार्गों का सहारा लिया है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार देश ने तरलीकृत पेट्रोलियम गैस(LPG) और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की अतिरिक्त आपूर्ति गैर-हॉर्मुज़ मार्गों से सुरक्षित कर ली है, जो जल्द ही भारत पहुंचने वाली है।

भारत ने अमेरिका, कनाडा सहित अन्य स्रोतों से ऊर्जा आयात बढ़ाने की रणनीति अपनाई है ताकि पश्चिम एशिया पर निर्भरता कम की जा सके। इसी बीच सरकार के निर्देश के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने घरेलू स्तर पर भी एलपीजी उत्पादन में तेजी लाई है। अधिकारियों के मुताबिक देश में रसोई गैस का उत्पादन लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है ताकि घरेलू मांग को पूरा किया जा सके।

इस दिशा में प्रमुख भूमिका निभा रही है रिलायंस इंडस्ट्रीने अपने जामनगर रिफाइनरी में एलपीजी उत्पादन को अधिकतम स्तर तक बढ़ाने की योजना लागू की है। कंपनी ने बयान में कहा, “ऐसे समय में जब ग्लोबल एनर्जी मार्केट में उतार-चढ़ाव हो रहा है, भारतीय घरों के लिए ज़रूरी फ्यूल तक बिना रुकावट पहुंच पक्का करना एक नेशनल प्रायोरिटी बनी हुई है।”

कंपनी ने आगे कहा कि सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप जमनगर स्थित अपने रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में एलपीजी उत्पादन को अधिकतम किया जा रहा है। बयान में कहा गया, “रिलायंस इंडस्ट्रीज जामनगर में अपने रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स से एलपीजी उत्पादन को बढ़ाने के लिए सरकार के निर्देशों के अनुसार सक्रिय कदम उठा रही है – जो दुनिया का सबसे बड़ा एकीकृत रिफाइनिंग केंद्र है। हमारी टीमें रिफाइनरी के काम को बेहतर बनाने और एलपीजी की पैदावार बढ़ाने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं ताकि घरेलू बाजार में आपूर्ति स्थिर और भरोसेमंद रहे।”

इसके अलावा KG‑D6 बेसिन से उत्पादित प्राकृतिक गैस को प्राथमिक क्षेत्रों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मोड़ा जा रहा है।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंग पूरी ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया के बाहर से ऊर्जा आयात के स्रोतों को विविध बनाकर अपनी ऊर्जा सुरक्षा मजबूत कर रहा है। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि देश में गैस की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है।

मंत्री ने बताया कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) और पाइप्ड प्राकृतिक गैस (PNG) की पूरी आपूर्ति मिलती रहे। वहीं औद्योगिक क्षेत्रों को भी अपनी जरूरतों का लगभग 70–80 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य देशभर के घरों और प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों को किफायती और निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना है, ताकि वैश्विक संकट के बावजूद भारत की ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू आपूर्ति पर कोई असर न पड़े।

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