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भारत के कितने जहाज फसें है होर्मुज जलडमरूमध्य के पार?

खाड़ी देशों में बढ़ते युद्ध के कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य का मार्ग बंद

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मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों बना हुआ है। दुनिया के लगभग 20% तेल टैंकर इसी रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन ड्रोन हमले, मिसाइल खतरे और नौसैनिक तनाव अब बढ़ रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर  है कि कई शिपिंग कंपनियों ने इस मार्ग से गुजरना लगभग बंद कर दिया है। साथ ही विश्वभर की मरीन इन्शुरन्स कंपनियों ने शिपिंग कंपनियों ने यहां से गुज़रने वाली नावों पर इन्शुरन्स सुविधा पर रोक लगाई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर कब्जा करने की धमकी देने के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे तो वह मध्य पूर्व से एक लीटर भी तेल भेजने नहीं देगा।.

Merchant ships continue to be stranded upstream of Strait of Hormuz - The  Hindu

अमेरिका के अनुसार उसने ईरानी नौसेना के 45 जहाजों पर हमला किया है, जिनमें होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास सक्रिय 16 माइन बिछाने वाले जहाज भी शामिल हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को अब लाइव ट्रैकर के माध्यम से देखा जा सकता है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद होने से पहले ही पेट्रोल की कीमतों में बड़ी वृद्धि हो चुकी है और व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिकी सेना इस मार्ग को खुला रखने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार कर रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के कारण पर्शियन खाड़ी और ओमान की खाड़ी में लगभग 38 भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज फंस गए हैं, जिनमें 1,100 से अधिक नाविक सवार हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने शिपिंग महानिदेशक सहित अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण के साथ-साथ समुद्री संपत्तियों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए। फंसे हुए भारतीय जहाजों में तेल और पीएनजी टैंकर शामिल हैं, जो क्रॉसफायर में फंसने के डर से होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर नहीं पा रहे हैं।

खबर है कि आवश्यक तेल और गैस की आपूर्ति करने वाले जहाजों को सुरक्षित रखने के लिए भारत होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अपने युद्धपोत भेजने पर विचार कर रहा है। पाकिस्तान पहले ही अपने दो जहाजों को वापस लाने के लिए अपनी नौसेना के जहाजों का इस्तेमाल कर रहा है। मंगलवार (10 मार्च) को न्यूयॉर्क टाइम्स ने शिपिंग महानिदेशालय (क्रू ब्रांच) के कैप्टन पीसी मीना के हवाले से बताया कि भारतीय जहाज मालिकों द्वारा नौसेना एस्कॉर्ट की मांग किए जाने के बाद सरकार युद्धपोत भेजने पर विचार कर रही है।

28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए हमले के बाद ईरान ने पर्शियन समुद्र के महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। इसके कारण दर्जनों देशों को होने वाली ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो गई है। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के अनुसार, मध्य पूर्व भारत को 55% कच्चे तेल की आपूर्ति करता है। देश के 35% तेल आयात होर्मुज़ जलडमरूमध्य के रास्ते होते हैं। भारत अपनी एलपीजी की मांग का लगभग दो-तिहाई हिस्सा आयात से पूरा करता है, जिसमें से अधिकांश यूएई, कतर, सऊदी अरब और कुवैत जैसे खाड़ी देशों से आता है। भारत के एलपीजी आयात का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा इसी रणनीतिक होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।

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