ईरान-अमेरिका ने दो हफ्ते के लिए सीजफायर की घोषणा की है, इस खबर के बाद दलाल स्ट्रीट पर बुल्स ने अपना जलवा बिखेरना शुरू किया है। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बीच बुधवार (8 अप्रैल) को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE सेंसेक्स करीब 2,500 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी 50 23,900 के करीब पहुंच गया।
सुबह करीब 9:30 बजे सेंसेक्स 2,517.88 अंक यानी 3.37% की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ।
तेजी के पीछे ये बड़े कारण
1) यूएस-ईरान सीज़फायर का असर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ दो सप्ताह के सीज़फायर पर सहमति जताने से वैश्विक बाजारों को बड़ी राहत मिली है। इस युद्धविराम की घोषणा के साथ ईरान दो महीनों तक होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए तैयार हुआ है। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इस खबर ने भारत के निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
2) कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट: सीज़फायर के ऐलान के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) करीब 19% तक लुढ़क गया, जबकि ब्रेंट क्रूड में भी लगभग 16% की गिरावट दर्ज की गई। इससे महंगाई को काबू में रखने और आर्थिक वृद्धि को समर्थन मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
3) ग्लोबल मार्केट से पॉजिटिव संकेत: एशियाई बाजारों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। MSCI का एशियाई इंडेक्स 2.6% उछला, जबकि वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में 2% से ज्यादा की बढ़त दर्ज हुई। इससे भारतीय बाजार को भी मजबूत सपोर्ट मिला।
आरबीआई पॉलिसी पर टिकी नजरें
अब निवेशकों की निगाहें भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति पर टिकी हैं, जिसका ऐलान सुबह 10 बजे होना है। बाजार को उम्मीद है कि आरबीआई विकास दर और महंगाई के अनुमान को लेकर अहम संकेत दे सकता है, खासकर मध्य पूर्व के हालिया घटनाक्रम के बाद।
निवेशकों के लिए राहत का माहौल:
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव में अस्थायी कमी से बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। हालांकि, स्थिति अभी पूरी तरह स्थिर नहीं है और निवेशकों को आगे भी वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए रखनी होगी। कुल मिलाकर, दलाल स्ट्रीट पर आई इस तेज रैली ने यह संकेत दिया है कि वैश्विक स्तर पर थोड़ी भी स्थिरता बाजारों में बड़ा उछाल ला सकती है।
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