राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मुंबई में अवैध आयात के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 9.25 करोड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित सामान जब्त किए हैं। इस ऑपरेशन में 11,060 प्रतिबंधित वॉकी-टॉकी सेट और 52,000 से अधिक सेकेंड-हैंड हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) बरामद किए गए। मामले में लैमिंग्टन रोड स्थित आयात फर्मों से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई विशेष खुफिया इनपुट के आधार पर की गई, जिसमें चीन से प्रतिबंधित संचार उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक सामान की अवैध खेप आने की सूचना मिली थी। जांच में सामने आया कि आठ कंटेनरों में आई इस खेप को “मिसलेनियस इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स” बताकर गलत तरीके से घोषित किया गया था, ताकि कस्टम जांच से बचा जा सके।
जब्त किए गए वॉकी-टॉकी बायफेंग BF-888S मॉडल के हैं, जिन्हें भारत सरकार ने ब्लैकलिस्ट किया हुआ है। इनकी कीमत लगभग 2.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। अधिकारियों ने बताया कि ये उपकरण 400–480 मेगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी रेंज पर काम करते हैं, जो निर्धारित मानकों से बाहर है और इनके उपयोग के लिए विशेष लाइसेंस की आवश्यकता होती है।
वायरलेस योजना और समन्वय विंग के नियमों के अनुसार बिना लाइसेंस केवल 446.0–446.2 मेगाहर्ट्ज बैंड में ही उपकरणों का उपयोग अनुमत है। ऐसे में इस तरह के वॉकी-टॉकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं, क्योंकि इनके जरिए अनियंत्रित संचार संभव है।
The Directorate of Revenue Intelligence (DRI) Mumbai seized 11,060 prohibited Baofeng BF-888S walkie-talkies and 52,480 second-hand hard disk drives (HDDs) worth Rs. 9.25 crore, along with misdeclared goods valued at Rs. 21 crore, totaling Rs. 30 crore. Two owners of Mumbai-based… pic.twitter.com/5erM4flxvD
— IANS (@ians_india) March 21, 2026
इसके अलावा, DRI ने करीब 52,000 सेकेंड-हैंड HDD भी जब्त किए, जिनकी कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये बताई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज डिवाइस का आयात विदेश व्यापार महानिदेशालय(DGFT) की विशेष अनुमति के बिना प्रतिबंधित है। यह नियम डेटा सुरक्षा, पर्यावरणीय जोखिम और ई-वेस्ट प्रबंधन के मद्देनजर लागू किया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि कुल खेप की घोषित कीमत लगभग 21 करोड़ रुपये थी, जबकि असल में जब्त किए गए प्रतिबंधित सामान को मिलाकर इसकी कुल कीमत करीब 30 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। अधिकारियों का कहना है कि आयातकों ने जानबूझकर गलत घोषणा कर नियमों से बचने की कोशिश की।
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह एक पारिवारिक नेटवर्क द्वारा संचालित कारोबार था, जिसमें बेटे के नाम पर कंपनियां चल रही थीं, जबकि संचालन में पिता की भूमिका बताई जा रही है। एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य कनेक्शन और जब्त सामान के संभावित उपयोग की जांच कर रही हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अवैध आयात न केवल आर्थिक नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
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