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Monday, May 11, 2026
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कच्चे तेल की कीमतों से शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा टूटा

अमेरिका-ईरान टकराव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में भारी गिरावट, ऑटो-बैंकिंग शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव

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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच सोमवार (11 मई) को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। कारोबारी सप्ताह के पहले दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सेंसेक्स 900 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी में भी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली।

शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 927.32 अंक यानी 1.20 प्रतिशत गिरकर 76,400.87 पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 268.60 अंक यानी 1.11 प्रतिशत टूटकर 23,907.55 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार खुलते ही निवेशकों में घबराहट का माहौल देखने को मिला और लगभग सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

बाजार में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की प्रतिक्रिया को अमान्य बताया, जिसके बाद पश्चिम एशिया में तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका और बढ़ गई। इस बयान के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 3.5 प्रतिशत की तेजी आई और यह लगभग 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है, ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय मानी जा रही है। महंगे तेल से व्यापार घाटा बढ़ सकता है, महंगाई पर दबाव बढ़ेगा और कंपनियों की लागत में भी इजाफा होगा।

शेयर बाजार में कमजोरी की एक बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली भी रही। शुक्रवार (8 मई) को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 4,111 करोड़ रुपये निकाले थे। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक लगातार खरीदारी कर रहे हैं और उन्होंने लगातार ग्यारहवें सत्र में 6,748 करोड़ रुपये का निवेश किया।

सोमवार के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, ऑटो और उपभोक्ता सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। 6 प्रतिशत टूट के साथ टाइटन कंपनी सेंसेक्स की सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा। बाजार को आशंका है कि सोने की बढ़ती कीमतें और कमजोर उपभोक्ता मांग ज्वेलरी कारोबार को प्रभावित कर सकती है।

स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। महंगे ईंधन से एयरलाइन कंपनियों की परिचालन लागत बढ़ने की संभावना के कारण इंटरग्लोब एविएशन के शेयर की कीमत लगभग 4 प्रतिशत तक गिरी।

ऑटो सेक्टर में भी बिकवाली हावी रही। महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 2 प्रतिशत से ज्यादा टूटे, जबकि मारुती सुजुकी इंडिया में करीब 1.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा HDFC बैंक के शेयर 1.3 प्रतिशत और रिलीजन्स इंडस्ट्रीज लगभग 1 प्रतिशत कमजोर हुए।

हालांकि गिरते बाजार में कुछ शेयरों ने मजबूती भी दिखाई। टाटा कंस्यूमर प्रोडक्ट  के शेयर लगभग 4 प्रतिशत चढ़ गए। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए दोहरे अंक की राजस्व वृद्धि का अनुमान जताया है और उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजे पेश किए हैं। चाय और नमक जैसे जरूरी उत्पादों की स्थिर मांग से कंपनी को फायदा मिला।

हेल्थकेयर सेक्टर में कारोबार मजबूत हो रहा है। सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज और अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज के शेयर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा भी निवेशकों के रडार पर रहा। बैंक ने सालाना आधार पर 11 प्रतिशत शुद्ध लाभ वृद्धि दर्ज की है।

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