पश्चिम रेलवे ने बिना टिकट और अनियमित यात्रा पर लगाम कसने के लिए अपने पूरे नेटवर्क में चलाए गए व्यापक टिकट जांच अभियानों के जरिए अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच 100.42 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है। इस अवधि में रेलवे ने 13.47 लाख बिना टिकट और अनियमित यात्रियों को पकड़ा। इनमें बिना बुक किए सामान से जुड़े मामले भी शामिल हैं।
अगस्त 2026 में पश्चिम रेलवे की कार्रवाई और तेज रही। अकेले इस महीने 2.13 लाख से अधिक बिना टिकट और अनियमित यात्री पकड़े गए। इन मामलों से रेलवे ने 17.16 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूल किया।
मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क में भी टिकट जांच अभियान के दौरान बड़ी संख्या में अनियमित यात्राएं पकड़ी गईं। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच 4.65 लाख बिना टिकट या अनियमित यात्रा के मामले सामने आए। इनसे पश्चिम रेलवे ने 25.65 करोड़ रुपये की वसूली की।
पश्चिम रेलवे के मुताबिक, मुंबई के उपनगरीय नेटवर्क में लगातार की जा रही यह कार्रवाई अधिकृत टिकट के साथ यात्रा सुनिश्चित करने और यात्रा अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पश्चिम रेलवे ने एसी उपनगरीय लोकल ट्रेनों में सामान्य टिकट के जरिए अनधिकृत यात्रा करने वालों पर भी विशेष निगरानी बढ़ाई है। अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान एसी लोकल सेवाओं में करीब 78,600 जुर्माने के मामले दर्ज किए गए। इनसे 3.26 करोड़ रुपये की वसूली हुई।
पिछले वर्ष इसी अवधि में करीब 36,480 मामलों से 1.20 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। इस आधार पर एसी उपनगरीय सेवाओं में जुर्माने की वसूली में लगभग 172 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
पश्चिम रेलवे ने टिकट जांच कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन अभियानों का उद्देश्य केवल रेलवे राजस्व की सुरक्षा करना नहीं, बल्कि यात्रियों में टिकट लेकर और अधिकृत तरीके से यात्रा करने की आदत को मजबूत करना भी है।
रेलवे के अनुसार, लगातार चलाए जा रहे टिकट जांच अभियानों से अनधिकृत यात्रा पर अंकुश लगाने, राजस्व leakage को कम करने और टिकटिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिल रही है। साथ ही, इससे पश्चिम रेलवे नेटवर्क पर यात्रियों के लिए अधिक अनुशासित और बेहतर यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने में भी योगदान मिल रहा है।
