राजस्थान के अलवर जिले में साइबर सेल के पुलिसकर्मियों पर एक लॉ स्टूडेंट ने मारपीट, छेड़छाड़ और मोबाइल छीनने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि उसने पुलिस से कई बार शिकायत की, लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई।
लॉ स्टूडेंट के अनुसार, किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके नाम और मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट बनाए थे। जब वह इन अकाउंट्स को हटवाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर साइबर सेल पहुंची, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ अभद्रता की, मारपीट की और उसका मोबाइल छीन लिया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसे धमकाने की कोशिश की।
जब स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो छात्रा ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई। हालांकि, उसका दावा है कि वहां भी उसे घंटों इंतजार कराया गया और उसकी शिकायत पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब उसने उच्च अधिकारियों से दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले पर साइबर सेल थाना प्रभारी डीएसपी शालिनी बजाज ने आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है।
बजाज के मुताबिक, लॉ स्टूडेंट ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके नंबर से सोशल मीडिया पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की गई थी। इस मामले में पहले ही मालाखेड़ा थाने में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और जांच चल रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि जब पीड़िता साइबर थाने आई थी, तब महिला कांस्टेबल भी मौजूद थीं और उसे समझाया गया था। हालांकि, वह दोबारा एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़ी रही, जिसके बाद उसे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय भेज दिया गया।
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