29 C
Mumbai
Wednesday, March 11, 2026
होमलाइफ़स्टाइलताड़ासन से शवासन तक: कुछ मिनटों के योगासन से पाएं हाइपरटेंशन पर...

ताड़ासन से शवासन तक: कुछ मिनटों के योगासन से पाएं हाइपरटेंशन पर काबू

Google News Follow

Related

हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर समस्या है, जो शरीर के लिए बेहद हानिकारक है। यह दिल, दिमाग, किडनी और आंखों को गंभीर तरीके से नुकसान पहुंचा सकता है। बिना लक्षण दिखाए धीरे-धीरे खतरनाक हो जाता है, जिससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर और अंधापन तक का खतरा बढ़ जाता है। इसका समय पर नियंत्रण जरूरी है।

मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के अनुसार, हाइपरटेंशन एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है, जिसका प्राकृतिक और प्रभावी प्रबंधन योग के माध्यम से किया जा सकता है। नियमित योगाभ्यास से तनाव कम होता है, रक्त संचार सुधरता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। योगासन और प्राणायाम हृदय स्वास्थ्य को मजबूत बनाते हैं और दवाओं के साथ सहायक चिकित्सा के रूप में काम करते हैं।

संस्थान द्वारा सुझाए गए प्रमुख योग अभ्यासों में विभिन्न आसन और प्राणायाम शामिल हैं, जो सरल और सुरक्षित हैं। इनका अभ्यास सुबह खाली पेट या शाम को किया जा सकता है। ध्यान रखें कि गंभीर स्थिति में डॉक्टर की सलाह लें और योग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में अभ्यास शुरू करें।

ताड़ासन:- यह खड़े होकर किया जाने वाला बेसिक आसन है। पैर जोड़कर सीधे खड़े हों, हाथ ऊपर उठाकर हथेलियां जोड़ें और पूरी तरह खिंचाव महसूस करें। यह रक्त संचार बढ़ाता है, मुद्रा सुधारता है और तनाव कम कर हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

कटिचक्रासन:- कमर घुमाने वाला आसन है। इसके लिए पैर फैलाकर खड़े होकर कमर को बाएं-दाएं घुमाएं। यह कमर की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, पाचन सुधारता है और तनाव मुक्त कर ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में सहायक होता है।

वज्रासन:- इसके लिए घुटनों के बल बैठकर एड़ियां नितंबों के नीचे रखें। यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है, भोजन के बाद किया जा सकता है और मन को शांत रखकर हाई ब्लड प्रेशर के लक्षणों को कम करता है।

मार्जरी आसन:- इसके लिए बिल्ली की तरह हाथ-पैरों पर होकर पीठ को ऊपर-नीचे करें। यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है, तनाव दूर करता है और रक्त प्रवाह बेहतर कर हाइपरटेंशन प्रबंधन में कारगर है।

गोमुखासन:- इसके लिए बैठकर एक पैर को दूसरे के ऊपर रखें और हाथ पीछे जोड़ें। यह कंधों और छाती को खोलता है, सांस लेने में सुधार करता है तथा तनाव कम कर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

वहीं, वक्रासन बैठकर कमर घुमाने वाला आसन है, जिसके लिए एक पैर मोड़कर दूसरे तरफ घुमाएं। यह रीढ़ को मजबूत बनाता है, पाचन सुधारता है और मानसिक शांति देकर हाई ब्लड प्रेशर को प्रबंधित करता है।

भुजंगासन के लिए पेट के बल लेटकर छाती ऊपर उठाएं। यह छाती खोलता है, फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है, तनाव कम करता है और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में प्रभावी है।

इसके साथ ही मकरासन, अर्ध हलासन, पवनमुक्तासन, शवासन, नाड़ी शोधन प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम भी पूर्ण विश्राम देते हैं, तनाव मुक्त कर हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी है। ये गैस और पेट की समस्याएं दूर कर पाचन बेहतर करने में भी कारगर है। ये मन-शरीर को शांत कर हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल के लिए महत्वपूर्ण रिलैक्सेशन तकनीक है।

यह भी पढ़ें:

कम हुआ विदेशी मुद्रा भंडार, सोने की कीमतों में गिरवट का भी हुआ असर

इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो कल्पना और नवाचार का शक्तिशाली संगम

इमरान खान की सेहत पर सुनील गावस्कर और कपिल देव की अपील

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,031फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
297,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें