पुलिसवालों के ट्रांसफर के विरोध में पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर प्रोटेस्ट को लीड करने वाले असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (ACP) मनस्वी वशिष्ठ को सस्पेंड कर दिया गया है। सोमवार (2 नवंबर) को दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर सैकड़ों पुलिसवाले जमा हुए थे। वशिष्ठ ने इस प्रोटेस्ट में हिस्सा लिया था और कर्मचारियों को एड्रेस किया था। उसके बाद, अगले दिन, मंगलवार (3 नवंबर) को उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। खबर है कि यह एक्शन यूनियन होम मिनिस्ट्री ने लिया है।
यह विवाद 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन में हुई एक घटना से शुरू हुआ था। यहां वकील ललित बंसल की पिटाई की गई थी और उनके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। उसके बाद, पुलिस स्टेशन आए वकीलों ने ACP मनस्वी वशिष्ठ और पुलिस इंस्पेक्टर अरुण कुमार पर गलत व्यवहार का आरोप लगाया। वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि वशिष्ठ ने उन्हें अपनी सर्विस रिवॉल्वर दिखाकर धमकाया था। इस घटना के विरोध में दिल्ली में वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल बुलाई थी।
इसी बैकग्राउंड में, 28 अक्टूबर को वशिष्ठ का गांधी नगर डिवीज़न से स्पेशल पुलिस स्टेशन फॉर विमेन एंड चिल्ड्रन (SPUWAC) में ट्रांसफर कर दिया गया, जबकि शाहदरा पुलिस स्टेशन इंस्पेक्टर अरुण कुमार का सिक्योरिटी डिवीज़न में ट्रांसफर कर दिया गया। इन ट्रांसफर के बाद वकीलों ने हड़ताल खत्म कर दी। हालांकि, पुलिस फोर्स के कर्मचारियों में नाराज़गी फैल गई। ट्रांसफर का विरोध करने के लिए सोमवार को करीब 500 पुलिस कर्मचारी हेडक्वार्टर पर इकट्ठा हुए। वशिष्ठ और अरुण कुमार का ट्रांसफर कैंसिल करके उन्हें उनकी पिछली पोस्ट पर वापस रखने की मांग की गई।
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