भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से बीएसएफ के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) रवि गांधी ने मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों का दो दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सीमा प्रबंधन का जायजा लिया, जवानों की सराहना की और तस्करी व घुसपैठ रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए।
रवि गांधी 30 मार्च की सुबह हेलीकॉप्टर से एनटीपीसी फरक्का हेलीपैड पहुंचे, जहां से वे 71वीं बटालियन मुख्यालय, वैष्णवनगर गए। वहां उन्होंने सीमा सुरक्षा और ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की।
इसके बाद उन्होंने बेलडांगा और इटाघाटी सीमा चौकियों का दौरा किया। 88वीं बटालियन के क्षेत्र में गश्ती बेस का निरीक्षण किया और 29 किलोमीटर बिना तारबंदी वाले हिस्से में जल्द से जल्द तारबंदी के आदेश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “संवेदनशील इलाकों में कोई चूक बर्दाश्त नहीं होगी। यह सीमा सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।”
मुर्शिदाबाद में चांदनीचक चौकी पर रवि गांधी ने गश्त और तारबंदी से जुड़े लंबित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द जमीन अधिग्रहण और सुरक्षा उपाय पूरे करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जवानों से सीमा पर तस्करी, घुसपैठ और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर चर्चा की। जवानों की सतर्कता, अनुशासन और मेहनत की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
रवि गांधी ने नीमतीता चौकी पर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और जवानों को तस्करों व घुसपैठियों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया। उन्होंने सीमा से सटे गांवों के किसानों से भी मुलाकात की। किसानों ने बीएसएफ की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि डोमिनेशन लाइन को सीमा के करीब लाने से उनकी फसलें सुरक्षित हुई हैं और परेशानियां कम हुई हैं।
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मालदा और मुर्शिदाबाद की संवेदनशीलता को देखते हुए एडीजी ने पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “सीमा सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। तस्करी और घुसपैठ रोकने के लिए तारबंदी और गश्त को और मजबूत करेंगे। किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” इस दौरे से बीएसएफ ने संदेश दिया कि सीमा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।