छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षा बलों ने सीनियर नक्सली कमांडर पापा राव को एनकाउंटर में ढेर किया है। माडवी हिड़मा के मारे जाने के बाद, नक्सली कमांडर पापा राव का खात्मा सिक्योरिटी फोर्स के लिए एक बड़ी कामयाबी है। एनकाउंटर में एक और नक्सली भी मारा गया है। इसके साथ ही, मौके से दो AK47 राइफल भी बरामद हुई हैं।
माना जाता था कि नक्सली कमांडर पापा राव छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके, खासकर बीजापुर और सुकमा इलाकों में एक्टिव था। पुलिस सुपरिटेंडेंट जितेंद्र यादव ने कहा कि ऑपरेशन अभी भी जारी है। पापा राव भैरमगढ़ वेस्ट बस्तर क्षेत्र समिति से जुड़े हमलों में शामिल रहा है। उसने सिक्योरिटी फोर्स के खिलाफ हिंसा की कई घटनाओं को भी अंजाम दिया था। पापा राव के खिलाफ 40 से ज़्यादा क्रिमिनल केस और अरेस्ट वारंट हैं। अधिकारियों के मुताबिक, वह PLGA के लिए हथियार, भर्ती और लॉजिस्टिक्स का काम देखता था।
Heavy encounter underway between security forces and Naxals in Bijapur following inputs on #Maoist commander Papa Rao. Joint ops by DRG, STF & CoBRA. Two Naxal bodies Two AKs recovered.
Papa Rao alias Mongu (57) senior CPI (Maoist) leader with a Rs 50 lakh bounty, hails from… pic.twitter.com/PLapfuKCvh
— Ashish (@KP_Aashish) January 17, 2026
पिछले कुछ महीनों में, बीजापुर के कंदुलनार के जंगलों में सिक्योरिटी फोर्स ने बड़े ऑपरेशन किए। इन एनकाउंटर्स में, सिक्योरिटी फोर्स ने पापा राव की पत्नी उर्मिला (जो एरिया कमेटी की सेक्रेटरी थीं) समेत कई नक्सलियों को मार गिराया। हालांकि, पापा राव उस समय भागने में कामयाब रहे।
डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड (DRG), स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और कोबरा यूनिट्स की जॉइंट टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। माओवादियों और डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड (DRG), स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और कोबरा यूनिट्स की जॉइंट टीम के बीच रुक-रुक कर फायरिंग हो रही थी, लेकिन जवानों ने मौके से AK-47 राइफलें बरामद कीं। इंटेलिजेंस इनपुट्स के मुताबिक, ऐसी जानकारी थी कि सीनियर माओवादी कमांडर पापा राव समेत बागियों का एक बड़ा ग्रुप इलाके में है। सिक्योरिटी फोर्स ने अब लाशें बरामद करने और बाकी बागियों की तलाश के लिए जंगल को घेर लिया है। बीजापुर पुलिस ने एक बयान जारी कर कन्फर्म किया है कि ऑपरेशन चल रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश को नक्सल-मुक्त बनाने के लिए 31 मार्च, 2026 तक की डेडलाइन तय की है। 2025 में बड़े पैमाने पर कार्रवाई के बाद, इस इलाके में नक्सलियों का असर, जो चार दशकों से ज़्यादा समय से एक्टिव थे, काफी कम हो गया है।
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