दिल्ली के निजी संस्थान की 17 छात्राओं के यौन शोषण का आरोपी स्वयंभू धर्मगुरु चैतन्यानंद सरस्वती अब पुलिस की गिरफ्त में है। आगरा से पकड़े गए डर्टी बाबा के खिलाफ पुलिस जांच में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।डीसीपी दक्षिण-पश्चिम दिल्ली अमित गोयल ने बताया कि आरोपी के पास से 3 मोबाइल फोन, एक आईपैड और दो विजिटिंग कार्ड बरामद हुए हैं। इन विजिटिंग कार्ड्स में एक पर चैतन्यानंद ने खुद को संयुक्त राष्ट्र (UN) का स्थायी राजदूत बताया था, जबकि दूसरे कार्ड में उसने खुद को BRICS कमीशन का सदस्य और इंडियन स्पेशल एनवॉय घोषित कर रखा था। जांच में यह साफ हो गया है कि दोनों कार्ड फर्जी हैं।
पुलिस के अनुसार, चैतन्यानंद फरारी के दौरान आगरा, वृंदावन और मथुरा में छिपा रहा और इस दौरान 15 से ज्यादा होटल बदले। वह लोगों पर रौब जमाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम तक इस्तेमाल करता था और फोन करवाकर कहलवाता था कि स्वामी जी पीएमओ से जुड़े हैं।
चैतन्यानंद के पास दो पासपोर्ट भी मिले हैं, जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए थे। पहले पासपोर्ट में उसने अपना नाम स्वामी पार्थ सारथी, पिता का नाम स्वामी घनानंद पुरी और मां का नाम शारदा अंबा लिखवाया था, जबकि जन्म स्थान दार्जिलिंग दर्ज कराया गया था। दूसरे पासपोर्ट में नाम स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती, पिता का नाम स्वामी दयानंद सरस्वती और मां का नाम शारदा अंबल, जबकि जन्म स्थान तमिलनाडु दर्शाया गया था। आरोपी के पैन कार्ड में भी अलग नाम इस्तेमाल किया गया था।
इतना ही नहीं, चैतन्यानंद के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में दो खाते मिले, जिनमें करीब 8 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। पुलिस ने इन खातों को फ्रीज कर दिया है।
जांच में यह भी सामने आया कि साल 1998 में वसंत कुंज स्थित शारदा पीठ का एक प्लॉट दिल्ली के उपराज्यपाल ने आवंटित किया था। उस समय चैतन्यानंद को सीमित कार्यों के लिए मठ का अटॉर्नी बनाया गया था। लेकिन 2008 में उसने फर्जी दस्तावेजों के सहारे संस्थान का नाम बदल दिया और मठ की संपत्ति को किराए पर देकर करीब 40 करोड़ रुपये का घपला किया।
गौरतलब है कि चैतन्यानंद पर आरोप है कि वह छात्राओं को देर रात अपने कमरे में बुलाता था और ग्रेड कम करने या फेल करने की धमकी देकर उनका शोषण करता था। पुलिस ने कई वार्डनों के बयान दर्ज किए हैं, जिन पर आरोपी की मदद करने और आपत्तिजनक संदेश डिलीट कराने के आरोप हैं।
फर्जी पासपोर्ट, नकली विजिटिंग कार्ड, करोड़ों के वित्तीय घपले और छात्राओं के यौन शोषण के आरोपों ने चैतन्यानंद के दो दशकों से चल रहे काले साम्राज्य की पूरी पोल खोल दी है। अब पुलिस उसकी संपत्तियों, बैंक खातों और नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
यह भी पढ़ें:
मुंबई में वार्षिक वर्षा 112% !
स्काई न्यूज ने एप्सटीन फाइलों में मस्क का बताया जिक्र; भड़के एलन मस्क!
‘मन की बात’: पीएम मोदी ने किया 2 अक्टूबर को खादी प्रोडक्ट खरीदने और स्वदेशी को अपनाने का आह्वान!



