दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में रामलीला मैदान के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद से सटे सरकारी जमीन पर बने अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर निगम दिल्ली (MCD) ने बुधवार (7 जनवरी) तड़के व्यापक अभियान चलाया। यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेशों के तहत की गई, जिसमें मस्जिद से लगी सार्वजनिक भूमि पर बने अवैध ढांचों को हटाने के निर्देश दिए गए थे।
एमसीडी की यह कार्रवाई निर्धारित समय से पहले शुरू की गई। जहां पहले इसे सुबह 8 बजे आरंभ किया जाना था, वहीं अभियान तड़के करीब 1 से 1:30 बजे के बीच शुरू कर दिया गया। करीब 38,000 वर्ग फुट सरकारी जमीन से अवैध निर्माण हटाने के लिए 10 से 17 बुलडोजर और जेसीबी मशीनें लगाई गईं, जबकि मलबा हटाने के लिए 70 से अधिक डंपर तैनात किए गए। इस दौरान एमसीडी के 150 से ज्यादा कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
कार्रवाई के तहत मस्जिद से सटे अवैध बारात घर (बैंक्वेट हॉल), लाइब्रेरी और डिस्पेंसरी को गिरा दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आया कि सरकारी जमीन पर लंबे समय से अनधिकृत निर्माण कर व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं। सूत्रों के मुताबिक, बैंक्वेट हॉल की बुकिंग का किराया करीब 1 लाख रुपये प्रति कार्यक्रम था। हालांकि फैज-ए-इलाही मस्जिद की 0.195 एकड़ जमीन को इस कार्रवाई से अलग रखा गया।
अतिक्रमण हटाने के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। स्थानीय मुसलमानों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और नारेबाजी शुरू हो गई। विरोध के दौरान लोगों ने बर्रीकेड तोड़ने की कोशीश की, 25–30 लोगों द्वारा पथराव किया गया, जिसमें पांच पुलिसकर्मियों चोटील हुए। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रतिरोध की आशंका को देखते हुए इलाके में और उसके आसपास पर्याप्त बल तैनात किया गया था और स्थिति को शीघ्र ही नियंत्रण में कर लिया गया। किसी को गंभीर चोट नहीं आई, हालांकि एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई के लिए करीब 1000 जवानों की तैनाती की थी, जिनमें 9 जिलों के डीसीपी रैंक के अधिकारी शामिल थे। रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं। पूरे इलाके में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई, जबकि पुलिसकर्मियों ने बॉडी कैमरे पहन रखे थे। पुलिस के पास 100 से अधिक वीडियो फुटेज उपलब्ध हैं, जिनकी समीक्षा के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी। अब तक पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है।
SHOCKING. POLICE ATTACKED FOR COURT ORDERED DEMOLITION NEAR Faiz-e-Ilahi Mosque, Turkman Gate, Delhi.
Crowd gathered, raised slogans, tried breaking barricades.
Interestingly Red Fort suicide bomber Umar Nabi had visited the mosque before the delhi blast. pic.twitter.com/wTmMMxgOuv— Rahul Shivshankar (@RShivshankar) January 7, 2026
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में मस्जिद से सटी जमीन और आसपास के इलाकों से अनाधिकृत निर्माणों को हटाने के लिए यह अभियान चलाया गया।ज्वाइंट सीपी मधुर वर्मा ने कहा, “हमने कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की है। उपद्रव करने वालों की पहचान फुटेज के आधार पर की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
VIDEO | Delhi: DCP Nidhin Valsan on demolition drive against illegal encroachment near Faiz-e-Elahi mosque, Turkman Gate, says, "About 25-30 people were involved in stone pelting on police teams in which five policemen sustained minor injuries. We had to use tear gas to control… pic.twitter.com/I40xzyWCfQ
— Press Trust of India (@PTI_News) January 7, 2026
स्थल से संबंधित चल रही कानूनी कार्यवाही के बावजूद विध्वंस की कार्रवाई जारी है।
🚨 BIG! MCD carries out a major anti-encroachment drive near Ramlila Maidan.
Authorities demolished illegal structures outside Dargah Faiz-e-Ilahi Masjid using 10+ bulldozers.
— Miscreants attempted stone pelting but failed to stop the action.
pic.twitter.com/6QLT5j7UJR— The Analyzer (News Updates🗞️) (@Indian_Analyzer) January 7, 2026
बता दें की, दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में सरकारी जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा किया गया था। सरकारी संयुक्त सर्वेक्षण के अनुसार, मैदान के लगभग 45,000 वर्ग फीट (करीब 1 एकड़) भूमि पर अवैध निर्माण पाए गए। इसमें बैंक्विट हॉल, पार्किंग, निजी डायग्नोस्टिक सेंटर जैसी वाणिज्यिक गतिविधियां भी चल रही थी, जो मूल रूप से एमसीडी की सार्वजनिक भूमि पर बनी हैं। इसके अलावा लगभग 7,400 वर्ग फीट भूमि पर एक मस्जिद और कब्रिस्तान का निर्माण किया गया था, जिसे फ़ैज़ल शाह कब्रिस्तान के नाम से जाना जाता है। ये कब्जे धार्मिक और वाणिज्यिक बहानों के तहत किए गए थे, जो जनता की भूमि का दुरुपयोग हैं। सरकारी सर्वेक्षण और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इन अवैध निर्माणों को हटाने और जमीन को वापस सरकारी उपयोग के लिए सुरक्षित करने की योजना बनाई गई थी।
मंगलवार (6 जनवरी) को दिल्ली उच्च न्यायालय ने मस्जिद सैयद इलाही की प्रबंध समिति द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया था। समिति ने रामलीला मैदान में मस्जिद और पास के कब्रिस्तान से सटी जमीन से कथित अतिक्रमण हटाने के एमसीडी के फैसले को चुनौती दी थी। हालांकि, नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई अनधिकृत निर्माणों के संबंध में अदालत के निर्देशों के अनुरूप थी।
IMPORTANT
To enforce the demolition order by Delhi High Court, security forces reached the illegally built mosque complex at Ramlila Maidan-Turkman Gate today
As expected, a large crowd gathered to obstruct officials from doing their duty – using baseless rhetoric
Key… pic.twitter.com/rhNIfudIOz
— Swati Goel Sharma (@swati_gs) January 5, 2026
पुलिस के अनुसार, सुबह होते-होते इलाके में सामान्य हालात बहाल हो गए और अब स्थिती नियंत्रण में है। संवेदनशील क्षेत्र को देखते हुए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई थी और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब पुरानी दिल्ली में अतिक्रमण को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं।
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