धनबाद में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के मुगमा क्षेत्र में फैले भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को छापा मारा। इस दौरान पीएफ क्लर्क अरविंद कुमार राय और एक अन्य कर्मचारी शीतल बाउरी को 15,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
ईसीएल के खुदिया कोलियरी में इलेक्ट्रिक विभाग में काम करने वाले उमेश प्रसाद सिंह 31 मार्च 2025 को सेवानिवृत्त होने वाले थे। उन्होंने अपनी पीएफ और ग्रेच्युटी की राशि निकालने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन पीएफ मामलों को संभालने वाले अरविंद कुमार राय ने उनकी फाइल आगे बढ़ाने के लिए 15,000 रुपये की मांग की। उमेश प्रसाद सिंह ने इस रिश्वतखोरी की शिकायत सीबीआई से की। शिकायत सही पाए जाने पर जांच एजेंसी ने जाल बिछाया और ट्रैप ऑपरेशन शुरू किया।
सीबीआई की योजना के तहत, उमेश प्रसाद सिंह ने सोमवार को अरविंद कुमार राय से संपर्क किया और तय रकम देने की बात कही। राय ने सीधे पैसे न लेते हुए शीतल बाउरी को पैसे लेने भेज दिया। जैसे ही उमेश प्रसाद ने शीतल बाउरी को 15,000 रुपये सौंपे, कुछ देर बाद बाउरी यह रकम अरविंद कुमार राय को देने पहुंचा। ठीक इसी वक्त सीबीआई की टीम ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
सीबीआई इस मामले में कार्मिक विभाग के दो अन्य कर्मचारियों – शंकर चौहान और अजय कुमार मंडल से भी पूछताछ कर रही है। इसके अलावा, जांच एजेंसी ने कार्यालय से जरूरी दस्तावेज, एक प्रिंटर और चारों कर्मियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं, ताकि रिश्वतखोरी के इस नेटवर्क की गहराई से जांच की जा सके।
पिछले 35 दिनों में राज्य और केंद्र की जांच एजेंसियों ने झारखंड में रिश्वतखोरी के अलग-अलग मामलों में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। धनबाद में कोयला उद्योग में फैले भ्रष्टाचार पर सीबीआई की इस कार्रवाई ने कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है। अब एजेंसी इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
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