लाल किले के पास हुए भीषण विस्फोट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे उत्तर भारत में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। जांच में सामने आया है कि डॉ. उमर उन नबी, उर्फ डॉ. उमर मोहम्मद, के नाम से पंजीकृत लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट (DL10CK0458) इस हमले में दूसरी कार के रूप में इस्तेमाल की गई थी। पुलिस अब इस वाहन की राजधानी, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर तलाश कर रही है।
पुलिस ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट गाड़ियों को रोककर जांच की जाए। बताया गया है कि यह वाहन 22 नवंबर 2017 को राजौरी गार्डन आरटीओ में पंजीकृत किया गया था और इसमें डॉ. उमर को दूसरा मालिक बताया गया है।
जांच में खुलासा हुआ है कि कार खरीदते समय डॉ. उमर ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली का एक फर्जी पता दिया था, जो बाद में एक मदरसे से जुड़ा हुआ घर निकला। पुलिस ने सोमवार देर रात उस स्थान पर छापा मारा, जहां मौलवी तसव्वुर नामक व्यक्ति रहता है। उसने पुष्टि की कि पुलिस की टीम देर रात पूछताछ के लिए आई थी। रिपोर्ट के अनुसार, यह वही पता है जिसे उमर ने वाहन खरीदते वक्त उपयोग किया था। अब यह जगह आतंकी नेटवर्क से जुड़ी जांच के केंद्र में आ गई है।
अधिकारियों के अनुसार, डॉ. उमर वह व्यक्ति था जो सफेद हुंडई i20 चला रहा था, जो सोमवार शाम लाल किले के पास विस्फोट में नष्ट हो गई। अब एजेंसियों को शक है कि उमर और उसके नेटवर्क ने लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट को एक बैकअप या एस्केप वाहन के रूप में इस्तेमाल किया था।
इंटेलिजेंस एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यह वाहन अभी भी विस्फोटक या महत्वपूर्ण सबूत ले जा रहा हो सकता है। इसलिए दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, और गाजियाबाद में सीसीटीवी फुटेज, टोल डेटा और मोबाइल टॉवर लोकेशन की गहन जांच चल रही है।
जांच एजेंसियों ने बताया है कि डॉ. उमर ने दो अन्य साथियों के साथ इस विस्फोट की योजना बनाई थी, लेकिन फरीदाबाद में साथियों की गिरफ्तारी के बाद उसने घबराकर हमला अकेले ही अंजाम दिया। उमर पहले जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग स्थित एक अस्पताल में कार्यरत था, लेकिन एक मरीज की मौत के बाद नौकरी से निकाले जाने पर उसने फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल साइंस संस्थान में 2023 में काम शुरू किया।
जांच में सामने आया है कि रेड फोर्ट ब्लास्ट से जुड़ा यह नेटवर्क 9–10 लोगों का समूह था, जिसमें 5–6 डॉक्टर शामिल थे। इनमें पहले गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल गनई और डॉ. शहीना शाहिद भी शामिल हैं। पुलिस ने इनसे बरामद 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री को इस नेटवर्क की गतिविधियों से जोड़ा है।
जांच एजेंसियां अब रेड फोर्ट क्षेत्र में 3:00 से 6:30 बजे के बीच के मोबाइल डेटा का विश्लेषण कर रही हैं ताकि यह पता चल सके कि विस्फोट से पहले डॉ. उमर किनसे संपर्क में था। दिल्ली पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि DL10CK0458 नंबर की लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट या कोई संदिग्ध वाहन दिखाई दे, तो तुरंत 112 या नजदीकी थाने को सूचित करें। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “यह वाहन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम सुराग है। इसे बरामद करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” देशभर में सुरक्षा बलों को फुल अलर्ट पर रखा गया है, जबकि दिल्ली के सीमा नाकों, मॉल, मेट्रो स्टेशनों और संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी बढ़ा दी गई है।
यह भी पढ़ें:
लाल किले धमाके के घायलों से मिलने LNJP अस्पताल पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, जताई संवेदना
पाकिस्तान में शरिया कानून लागू होने तक हमले जारी रहेंगे
नोएडा पुलिस ने पकड़ी ड्रग्स तस्करी गिरोह की बड़ी साजिश, पांच आरोपी गिरफ्तार



