सेंट्रल रेलवे में फर्जी टिकट रैकेट का भंडाफोड़, तीन यात्रियों पर FIR

AI-जेनरेटेड नकली UTS सीजन टिकटों के साथ AC लोकल में यात्रा करते पकड़े गए आरोपी

सेंट्रल रेलवे में फर्जी टिकट रैकेट का भंडाफोड़, तीन यात्रियों पर FIR

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मुंबई उपनगरीय नेटवर्क में फर्जी टिकटों के बढ़ते मामलों पर सेंट्रल रेलवे ने बड़ी कार्रवाई की है। रेलवे ने AI से तैयार किए गए नकली UTS सीजन टिकटों के साथ यात्रा करते हुए पकड़े गए तीन यात्रियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। दो दिनों के भीतर मिले दो मामलों ने अधिकारियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

पहला मामला 26 नवंबर को सामने आया था, जब ट्रैवलिंग टिकट इंस्पेक्टर विशाल नावले ने 10:02 बजे चलने वाली कल्याण–दादर AC लोकल में एक महिला को नकली सीजन टिकट के साथ पकड़ा। टिकट पर UTS नंबर X06YDZG055 दर्ज था और यह अंबरनाथ से दादर तक 11 दिसंबर तक वैध दिखाया गया था, लेकिन जांच में यह टिकट फर्जी निकला।

इसके बाद, 28 नवंबर की सुबह 6:45 बजे परेल–कल्याण AC लोकल में टिकट परीक्षक प्रशांत कांबले ने तीन यात्रिओं को संदिग्ध टिकटों के साथ पकड़ा। यात्रियों ने अपने फोन में “My Files–Documents” फ़ोल्डर से टिकट दिखाए, जबकि असली UTS टिकट सीधे आधिकारिक UTS ऐप से ही प्रदर्शित होते हैं।

जांच में तीनों के टिकटों पर एक ही UTS नंबर (XOOJHN4569) पाया गया, जबकि हर असली टिकट का नंबर अलग होता है। साथ ही, रेलवे के रिकॉर्ड में इनके मोबाइल नंबरों से कोई वैध टिकट जारी नहीं हुआ था। इसके बाद तीनों को तुरंत कुर्ला GRP के हवाले कर दिया गया।

एक अधिकारी ने बताया, “प्रशांत कांबले की सतर्कता और तेज़ निरीक्षण क्षमता से एक और फर्जी टिकट रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। उनकी प्रतिबद्धता अन्य कर्मचारियों के लिए उदाहरण है।” सेंट्रल रेलवे के मुताबिक, फर्जी टिकट के साथ यात्रा करना भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita), 2023 के तहत दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना, 7 साल तक की जेल, या दोनों सजाएं हो सकती हैं।

अधिकारियों का कहना है कि दोनों मामलों में टिकट AI टूल्स का उपयोग करके तैयार किए गए थे। इससे यह चिंता बढ़ गई है कि तकनीक का गलत इस्तेमाल करके टिकटिंग फ्रॉड तेजी से बढ़ सकता है। रेलवे साइबर टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है।

रेलवे ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि वे केवल अधिकृत चैनलों से ही टिकट खरीदें स्टेशन टिकट काउंटर, ATVM मशीनें या आधिकारिक UTS मोबाइल ऐप। रेलवे ने कहा, “फर्जी टिकटों का इस्तेमाल गंभीर अपराध है। किसी भी यात्री को बख्शा नहीं जाएगा।” इस कार्रवाई के बाद रेलवे ने साफ किया है कि मुंबई उपनगरीय नेटवर्क में टिकटिंग फ्रॉड पर कड़ी निगरानी जारी रहेगी और ऐसे मामलों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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