घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया। बताया जा रहा है कि गांव में एक सेफ्टिक टैंक का निर्माण कराया गया था। शनिवार को मजदूर टैंक के अंदर लगी सटरिंग खोलने का काम कर रहे थे।
आशंका जताई जा रही है कि टैंक के अंदर जहरीली गैस के कारण दम घुटने से चारों की मौत हुई। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों की निगरानी में बचाव अभियान चलाया गया और काफी मशक्कत के बाद सभी मजदूरों के शवों को सेफ्टिक टैंक से बाहर निकाला गया।
मृतकों की पहचान बंटी बैठा उर्फ राकेश, जावेद आलम उर्फ टीपू, उमेश यादव और शबे आलम के रूप में हुई है। हादसे की खबर फैलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। गांव में बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। सभी मृतक इसी गांव के रहने वाले थे। प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं।
जांच टीम हादसे के कारणों के साथ-साथ निर्माण कार्य के दौरान अपनाए गए सुरक्षा मानकों की भी जांच करेगी। प्रशासन की ओर से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सेफ्टिक टैंक के अंदर काम करने से पहले मजदूरों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरती गई थीं या नहीं।



