विश्रामबाग पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है जो भारतीय करेंसी जैसे दिखने वाले नकली 500 रुपये के नोट बनाकर उन्हें सर्कुलेशन में लाने की कोशिश कर रहे थे। इस ऑपरेशन में पुलिस ने 5 लाख 64 हजार रुपये के 1,128 नकली नोट जब्त किए हैं। साथ ही, एक कलर प्रिंटर, मॉनिटर, CPU और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला दूसरा सामान भी जब्त किया गया है, जिसकी कुल कीमत 21,100 रुपये है।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के नाम सलमान जैनुद्दीन राजे (उम्र 30, निवासी अंबेगांव, केडगांव, ताल. दौंड, जिला पुणे), शफाज फिरोज अंसारी (उम्र 30, निवासी नालासोपारा), विशाल विलास गलांडे (उम्र 37, निवासी सुरुपखानवाड़ी, ताल. मान, जिला सतारा) और अभिजीत रावसाहेब कांबले (उम्र 30, निवासी शिरोल, जिला कोल्हापुर) हैं।
महात्मा फुले मंडई के पास पहली कार्रवाई
पुलिस कांस्टेबल सचिन अहिवाले और शैलेश सुर्वे को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध नकली नोट लेकर महात्मा फुले मंडई इलाके में आ रहा है। उन्होंने यह जानकारी पुलिस सब-इंस्पेक्टर सत्यवान गेंड को दी।
सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर नवनाथ जगताप की सलाह पर पुलिस ने 14 अक्टूबर को शाम करीब 4:30 बजे शुक्रवार पेठ में महात्मा फुले मंडई के पीछे मौजूद म्हसोबा मंदिर के सामने अंदरूनी सड़क पर जाल बिछाया।
इसी दौरान सलमान राजे को हिरासत में लिया गया। उसके पास 500 रुपये के 805 नकली नोट मिले। इन नोटों की कीमत 4 लाख 2 हजार 500 रुपये थी। इस मामले में विश्रामबाग पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया।
जांच में तीन और आरोपियों का पता चला
जब गिरफ्तार सलमान राजे से पूछताछ की गई तो पता चला कि इस जुर्म में उसके तीन और साथी शामिल थे। इसके बाद पुलिस टीम सतारा और कोल्हापुर के लिए रवाना हो गई। लोकल पुलिस की मदद से शफ़ाज़ अंसारी, विशाल गलांडे और अभिजीत कांबले को हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान क्राइम में उनके शामिल होने का पता चलने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
घर से नकली नोट और प्रिंटिंग का सामान ज़ब्त
आरोपी शफ़ाज़ अंसारी के घर से 500 रुपये के नकली नोट ज़ब्त किए गए, जिनकी कीमत 1,61,500 रुपये है। इसके अलावा, पुलिस ने एप्सन कंपनी का प्रिंटर, HP कंपनी का मॉनिटर, लेनोवो का कीबोर्ड और माउस, ज़ेब्रोनिक्स कंपनी का CPU और नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाला दूसरा सामान ज़ब्त किया।
इस ऑपरेशन में कुल 1,128 नकली नोट ज़ब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत 5,64,000 रुपये है। पुलिस इस गैंग द्वारा नकली नोट बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए तरीके और उनके आगे के ट्रांज़ैक्शन की जांच कर रही है।
यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार, जॉइंट पुलिस कमिश्नर संजय दराडे, एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजेश बंसोडे, डिप्टी पुलिस कमिश्नर कृषिकेश रावले और असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर अनुजा देशमाने के गाइडेंस में सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर नवनाथ जगताप और इन्वेस्टिगेशन टीम ने की।
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