जेल में मौज काटते कैदियों के वीडिओ वाइरल होने के बाद शीर्ष पुलिस अधिकारी निलंबित !

जेल में मौज काटते कैदियों के वीडिओ वाइरल होने के बाद शीर्ष पुलिस अधिकारी निलंबित !

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कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु की परप्पाना अग्रहारा केंद्रीय जेल में कैदियों के मस्ती और पार्टी जैसे माहौल के वीडियो सामने आने के बाद राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि जेल अधीक्षक मैगेरी और जेल एएसपी अशोक भजन्त्री को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि मुख्य जेल अधीक्षक सुरेश का तबादला कर दिया गया है। यह कार्रवाई दो दिनों में सामने आए दो अलग-अलग वीडियो के बाद हुई है, जिनमें कैदियों को जेल परिसर में धुन बजाकर नाचते-गाते और मोबाइल फोन तथा स्मार्ट टीवी जैसे सुविधाओं का उपयोग करते हुए देखा गया।

एक वीडियो में कैदी प्लेट और मग को वाद्य यंत्र की तरह बजाकर “पार्टी ऑल नाइट” जैसी आवाज़ों के बीच जश्न मनाते दिखाई देते हैं। इससे पहले वायरल हुए एक अन्य वीडियो में उच्च जोखिम वाले कैदी, जिनमें ISIS से जुड़े होने का आरोपित एक व्यक्ति, कुख्यात सीरियल रेपिस्ट उमेश रेड्डी और अभिनेता तरुण भी शामिल बताए गए हैं, को मोबाइल फोन चलाते, टीवी देखते और विशेष सुविधा पाते देखा गया था। इन वीडियो के सामने आने के बाद जेल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठे हैं कि सख्त निगरानी वाली इस केंद्रीय जेल में इतना खुला उल्लंघन आखिर कैसे संभव हुआ।

राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार इसे किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “अगर जेल में यह सब चलता रहा तो इसे जेल क्यों कहा जाए?” परमेश्वर ने बताया कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ निलंबन और एफआईआर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आगे की कार्रवाई समीक्षा बैठक के बाद तय की जाएगी। उनके अनुसार, “हमारी जिम्मेदारी है कि जेल व्यवस्था अनुशासित और सुरक्षित रहे।”

इस घटना ने राजनीतिक विवाद को भी जन्म दिया है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उसने जेल को स्लीपर सेल जैसा वातावरण बनने दिया है, जहाँ कैदी लग्जरी सुविधाओं में रह रहे हैं। इसके जवाब में राज्य सरकार का कहना है कि जांच के आधार पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और जेल प्रणाली में कमियों को ठीक किया जाएगा। गृह विभाग ने राज्य के डीजीपी, एडीजीपी (जेल) और सभी प्रमुख जेल अधीक्षकों को तत्काल समीक्षा बैठक के लिए बेंगलुरु तलब किया है, जहाँ सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी ढांचे को फिर से सख्त करने पर चर्चा होगी।

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