कल्याण में बिना अनुमति चल रहे एक अवैध गेम ज़ोन पर पुलिस ने छापेमारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया और कई नाबालिग छात्रों को बचाया, जो स्कूल और ट्यूशन छोड़कर यहां घंटों बिताते पाए गए। यह कार्रवाई कोळशेवाडी पुलिस ने स्थानीय सूचना के आधार पर की, जिसमें यह बताया गया था कि ‘जॉयस्टिक जंगल’ नामक गेम ज़ोन गुपचुप तरीके से एक किराए के कमरे में संचालित किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डीसीपी अतुल ज़ेंडे के निर्देश पर बनी टीम ने चिनचपाड़ा क्षेत्र के एक कमरे पर अचानक दबिश दी। छापे के दौरान अंदर की स्थिति बेहद चौंकाने वाली थी। अँधेरे कमरे में सुरक्षा के बुनियादी इंतज़ाम तक नहीं थे और आठ नाबालिग लड़के-लड़कियां इलेक्ट्रॉनिक गेम खेलते हुए मिले।
पुलिस ने कहा कि गेम ज़ोन के संचालकों ने कोई भी लाइसेंस या अनुमति नहीं ली थी। न ही वहां अग्निशमन यंत्र जैसी फायर सेफ़्टी की किसी प्रकार की व्यवस्था मौजूद थीं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधि बच्चों की सुरक्षा और नैतिक विकास, दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है।
छापे के दौरान पुलिस ने स्थल से कई इलेक्ट्रॉनिक गेमिंग उपकरण जब्त किए। गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों की पहचान पृथ्वीराज चव्हाण, श्रीराम चव्हाण और अमित सोनवणे के रूप में हुई है। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह अवैध गेमिंग से आगे किसी और गतिविधि में भी शामिल था।
पुलिस का कहना है कि ऐसे अनधिकृत गेम ज़ोन न केवल बच्चों को कक्षाओं से दूर करते हैं, बल्कि उन्हें जोखिमपूर्ण माहौल और संभावित गलत संगत में धकेल सकते हैं। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि शहर में ऐसे और केंद्रों की मौजूदगी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कोळशेवाडी पुलिस ने बताया कि मामले में संबंधित धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी और संचालित नेटवर्क के बारे में विस्तृत जांच जारी है।
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