जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान सोमवार (4 अगस्त)को लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। अधिकारियों के मुताबिक, कुलगाम के अखल जंगल क्षेत्र में रातभर रुक-रुक कर गोलाबारी होती रही। सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने सीएएसओ (कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन) का दायरा बढ़ाते हुए पूरे इलाके को घेर लिया है ताकि किसी भी छिपे हुए आतंकी को बचकर निकलने का मौका न मिले।
अधिकारियों ने बताया कि अब तक एक आतंकी मारा गया है और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ है। इस मुठभेड़ में चार सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं। सुरक्षा बलों ने इलाके में रुद्र हेलीकॉप्टर, ड्रोन और पैरा कमांडो तैनात किए हैं ताकि ऑपरेशन को हर स्तर पर मजबूत किया जा सके।
इससे पहले, 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भीषण हमले (जिसमें 26 पर्यटकों की हत्या हुई थी) के जिम्मेदार तीन पाकिस्तानी आतंकियों को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया। इन आतंकियों की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर सुलेमान शाह, अबू हमजा और जिब्रान भाई के रूप में हुई। सुरक्षा बलों ने इन्हें 28 जुलाई को श्रीनगर के हरवान इलाके में महादेव पर्वत के पास डाचीगाम नेशनल पार्क में एक बड़ी कार्रवाई में मार गिराया। इस अभियान को ‘ऑपरेशन महादेव’ नाम दिया गया था।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि ड्रग तस्कर और हवाला नेटवर्क पर भी नजर रखी जा रही है। इनसे मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल आतंकवादी संगठनों को जिंदा रखने में किया जाता है। इसलिए सुरक्षा बल आतंकियों के ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGW) और ड्रग सिंडिकेट को भी निशाना बना रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में चलाए जा रहे यह ऑपरेशन केवल आतंकियों को मारने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का उद्देश्य रखते हैं। इन अभियानों में सटीक खुफिया सूचनाओं और आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है, ताकि प्रदेश में शांति बनाए रखी जा सके।
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