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Wednesday, June 17, 2026
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लव जिहाद: प्रेम-जाल में फांसकर देकर फिजिओथेरपिस्ट ने आयुष मालिक को बनाया मुहम्मद अली

कारोबारी के बेटे के धर्म परिवर्तन मामले में कार्रवाई, पुलिस ने एसआईटी गठित कर जांच शुरू की

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उत्तर प्रदेश के शामली में कथित धर्म परिवर्तन और करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जे की साजिश के आरोपों से जुड़े एक मामले में पुलिस ने फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी और उनके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज मामले में की गई है। शिकायत स्थानीय कारोबारी देवराज मलिक ने दर्ज कराई थी, जिन्होंने आरोप लगाया है कि उनके बेटे आयुष मलिक को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया, उसकी पहचान बदली गई और उसे परिवार से दूर करने की कोशिश की गई।

पुलिस के अनुसार, आयुष मलिक बी-फार्मा स्नातक हैं और परिवार की मेडिकल स्टोर के संचालन में सहयोग करते थे। प्राथमिकी में कहा गया है कि वर्ष 2018 में पैर में चोट लगने के बाद इलाज के दौरान उनकी मुलाकात चांदनी कुरैशी से हुई थी। समय के साथ दोनों के बीच संबंध विकसित हुए। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद चांदनी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने धीरे-धीरे आयुष को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रभावित किया।

देवराज मलिक का आरोप है कि वर्ष 2023 में उनके बेटे को दिल्ली ले जाया गया, जहां उसका धर्म परिवर्तन कराया गया और उसका नाम बदलकर मोहम्मद अली रख दिया गया। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि दिल्ली में दोनों का निकाह कराया गया था। हालांकि, जांच से जुड़े पुलिस सूत्रों का कहना है कि अब तक किसी विवाह प्रमाणपत्र की बरामदगी नहीं हुई है।

एफआईआर के अनुसार, आयुष मलिक ने कथित तौर पर अपनी जीवनशैली में भी बदलाव किए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने दाढ़ी रखना शुरू कर दिया है, पांच वक्त की नमाज अदा कर रहे हैं और पहनावे में भी परिवर्तन आया है।

शिकायतकर्ता देवराज मलिक ने आरोप लगाया है कि यह पूरा घटनाक्रम परिवार की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति पर नियंत्रण हासिल करने की एक व्यापक साजिश का हिस्सा हो सकता है। इसी आशंका के आधार पर उन्होंने पुलिस से संपर्क किया और मामले की जांच की मांग की।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के अलावा परिवार के कुछ अन्य सदस्यों और दो अज्ञात मौलवियों को भी प्राथमिकी में नामजद किया गया है। पुलिस की विशेष टीमें अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) और स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) की टीमों का गठन किया है। शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने मीडिया से कहा, “हमने एक एसआईटी का गठन किया है और एलआईयू की टीमें मामले की जांच कर रही हैं। हम यह पता लगाने के लिए गहन जांच करेंगे कि इस मामले के तार कहां तक जुड़े हैं और इसके पीछे के गहरे पहलू क्या हैं। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

फिलहाल पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। धर्म परिवर्तन, कथित निकाह और संपत्ति से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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