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मिर्जापुर के जीम नेटवर्क में लव जिहाद रैकेट: ऐसे 50 से अधिक हिंदू महिलाओं को बनाया निशाना

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उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस्लामी जिहादियों द्वारा जीम नेटवर्क के जरिए चलाए जा रहे धर्मांतरण रैकेट का खुलासा किया है, जिसमें 50 से अधिक हिंदू महिलाओं को निशाना बनाए जाने का संदेह है। यह मामला एक महिला द्वारा जिम संचालक के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत से शुरू हुआ, जिसने अब एक सुनियोजित ढंग से डिजिटल और भावनात्मक चालाकी से चलाए जा रहें इस लव जिहाद रैकेट पर्दाफाश किया।

पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क बेहद व्यवस्था के साथ काम कर रहा था। जीम को संपर्क बनाने और भरोसा निर्माण करने के केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाता था, जबकि सोशल इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिआ को संभावित महिलाओं की पहचान करने, उन पर निगरानी रखने और उनसे मेलजोल बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। सोशल मीडिया का इस्तेमाल न सिर्फ संपर्क साधने के लिए, बल्कि युवतियों की गतिविधियों और मानसिक स्थिति पर नजर रखने के लिए भी किया जाता था। जांचकर्ताओं का कहना है कि युवतियों की प्रोफाइलिंग कर उन्हें धीरे-धीरे बातचीत और मेलजोल के जरिए प्रेमजाल में फांसा जाता।

महिलाओं को बाजारों, मंदिरों, दरगाहों और अन्य स्थानों पर ले जाया जाता था। कुछ मामलों में उन्हें बुर्का पहनने के लिए कहा गया और धीरे-धीरे इस्लाम की ओर प्रभावित किया गया। आरोप है कि यौन उत्पीड़न के बाद आपत्तिजनक तस्वीरें दिखाकर उनसे पैसे मांगे जाते थे। अधिकारी के अनुसार, “अगर पैसे देने से इनकार किया जाता था, तो धर्मांतरण का दबाव बनाया जाता था।” पुलिस का कहना है कि कुछ महिलाओं ने डर के कारण पैसे दिए, जबकि कुछ ने धर्म परिवर्तन किया।

इस नेटवर्क के संचालन में सन्नो नाम की एक महिला की भूमिका अहम बताई जा रही है, जिसे पुलिस ने फ्रंट ऑपरेटिव करार दिया है। पुलिस के मुताबिक, सन्नो आसानी से महिलाओं से दोस्ती कर उनका भरोसा जीतती और फिर उन्हें नेटवर्क से जुड़े पुरुषों से मिलवाती थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “उसकी भूमिका लड़कियों का भरोसा जीतने और शक कम करने में बेहद अहम थी, जिसके बाद उन्हें धीरे-धीरे जाल में आगे धकेला जाता था।”

जांच में सामने आया है कि आरोपी आपस में लड़कियों को निशाना बनाने के लिए बंटवारा करते थे। अगर किसी युवती को एक जीम में फंसाने में सफलता नहीं मिलती थी, तो उसे उसी नेटवर्क से जुड़े किसी दूसरे जीम की जिम्मेदारी बना दिया जाता था।

मिर्ज़ापुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा ने बताया कि मामले में डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों ने पूरी साजिश को उजागर किया। जांच के दौरान मुख्य आरोपी मोहम्मद शेख अली के मोबाइल फोन से एक पासवर्ड-सुरक्षित फोल्डर बरामद किया गया, जिसमें 50 से अधिक महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो मिले। एसएसपी के अनुसार, यही डिजिटल सबूत इस मामले में निर्णायक साबित हुआ, क्योंकि शुरुआती स्तर पर ठोस साक्ष्य सीमित थे। सोमेन वर्मा ने कहा, “उस फोल्डर ने कई महिलाओं को अलग-अलग आरोपियों से जोड़ा, जो कई जिमों से जुड़े हुए थे। उसी समय पूरा नेटवर्क सामने आ गया।”

पुलिस के अनुसार, मोहम्मद शेख अली से पहले पूछताछ की गई, जिसमें उसने सभी आरोपों से इनकार किया। हालांकि, फॉरेंसिक जांच में उसके फोन से आउटिंग, यात्रा और निकाह की तस्वीरें और वीडियो सामने आए, जिनके आधार पर उसे KGN 1, KGN 2.0, KGN 3, आयरन फायर और फिटनेस क्लब जैसे जिम नेटवर्क से जुड़े एक बड़े समूह का हिस्सा बताया जा रहा है।

पुलिस ने इस रैकेट के मास्टरमाइंड के रूप में लकी अली की पहचान की है और उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि वह जीम्स के जरिए पूरे ऑपरेशन का समन्वय करता था। लकी अली और एक अन्य फरार आरोपी इमरान खान पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

जांच में यह भी सामने आया है कि इमरान कथित तौर पर अपनी सिक्स-पैक बॉडी की तस्वीरों का इस्तेमाल कर हिंदू महिलाओं को प्रभावित करता था और फिर उन्हें लव जिहाद के नेटवर्क का शिकार बनता था। अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की भूमिका की जांच जारी है।

A lookout notice has been issued against the prime accused, Lucky Ali and Imran Khan (in picture). (Photo: India Today)

इस मामले में यूपी पुलिस का कांस्टेबल इरशाद खान भी गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में से एक है। पुलिस के अनुसार, इरशाद पीड़ितों से बड़ी रकम वसूलता था और उसी पैसे से जीम की चेन खोलने की योजना बना रहा था। वह कथित तौर पर अपने पद का हवाला देकर अन्य आरोपियों को यह भरोसा दिलाता था कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करेगी।

गाजीपुर निवासी इरशाद GRP में माधोसिंह रेलवे स्टेशन पर तैनात था और महंगी गाड़ियों में घूमने के लिए जाना जाता था। पुलिस का कहना है कि वह आयरन फायर जिम का वास्तविक संचालक था, हालांकि जिम कागजों में उसके सहयोगी फरीद अहमद के नाम पर पंजीकृत था। फरीद अहमद को बाद में खडंजा फॉल के पास एक मुठभेड़ में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया।

Mirzapur shocker: Farid Ahmed, a gym owner in Mirzapur used AI-generated obscene videos to blackmail women. The gym owners and trainers used AI tools to create obscene videos of Hindu women, then

पुलिस के अनुसार, फरीद जिम में महिलाओं से दोस्ती करता, रिश्ते बनाता, चोरी-छिपे वीडियो रिकॉर्ड करता और फिर ब्लैकमेल कर धर्मांतरण का दबाव बनाता था।

इस लव जिहाद के रैकेट के खिलाफ अब तक दो महिलाओं ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जबकि 25 से 30 अन्य महिलाओं ने अप्रत्यक्ष रूप से पुलिस से संपर्क कर गुमनाम बयान दिए हैं। पुलिस ने आउटिंग में इस्तेमाल किए गए वाहनों को भी जब्त किया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये की उगाही की गई और पीड़ितों से कथित तौर पर 5 से 7 करोड़ रुपये लेकर नए जिम खोले गए। स्थानीय लोगों ने भी पार्टियों और मुफ्त ट्रेनिंग से युवतियों को फंसाने की बात कही है।

जांच के तहत सभी संबंधित जिमों को सील कर दिया गया है और वहां से महंगी मशीनें जब्त की गई हैं। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह उपकरण कथित तौर पर अवैध उगाही से मिले पैसों से खरीदे गए थे। पुलिस अब पूरे वित्तीय नेटवर्क और डिजिटल साक्ष्यों की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और खुलासों व गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।

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