राज्य परीक्षा परिषद के अनुसार, टीईटी 2026 परीक्षा पूरे महाराष्ट्र में 1,028 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जानी थी। हाल के समय में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर नीट 2026 में सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए परिषद ने परीक्षा की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए थे। इसके बावजूद गुप्त सूचना मिलने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
जानकारी के मुताबिक, 27 जून की सुबह भिवंडी पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोगों के पास शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़ी जानकारी मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने संबंधित स्थान पर छापेमारी की। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया और बरामद सामग्री का मिलान कराया गया।
प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि बरामद प्रश्नों में से कुछ सवाल 28 जून को होने वाली टीईटी परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं। इस पुष्टि के बाद परीक्षा परिषद ने तत्काल प्रभाव से परीक्षा स्थगित करने का निर्णय लिया।
परिषद का कहना है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित करना उसकी प्राथमिकता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पेपर लीक की आशंका को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा को फिलहाल टाल दिया गया है। परिषद का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी। वहीं, शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के बारे में अपडेटेड जानकारी महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।
वहीं, मामले के सामने आने के बाद अब इस पर राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी अंबादास दानवे ने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, “जिस तरह टीईटी का पेपर लीक हुआ, उसी तरह महाराष्ट्र नीट पेपर लीक का भी केंद्र रहा था। इसके बावजूद सरकार ने कोई सबक नहीं सीखा। टीईटी की परीक्षा तो इसकी तुलना में बहुत छोटी है, फिर भी महाराष्ट्र सरकार इसे सुरक्षित तरीके से आयोजित करने में नाकाम रही।”
